शिक्षकों के योगदान को RNTU ने सराहा, वनमाली शिक्षक सम्मान के तहत बैतूल के 90 से अधिक शिक्षकों को किया सम्मानित
शिक्षा के साथ कौशल विकास, युवा सशक्तीकरण और खेल के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विश्वविद्यालय का जोर

भोपाल।* रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू), भोपाल की ओर से ‘वनमाली शिक्षक सम्मान 2026’ समारोह आयोजित किया गया। समारोह में बैतूल जिले के विभिन्न विकासखंडों के विद्यालयों से जुड़े 90 से अधिक शिक्षकों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर शिक्षा के साथ युवा विकास, कौशल संवर्धन और खेल के क्षेत्र में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विश्वविद्यालय की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की गई।
आरएनटीयू की प्रो-चांसलर डॉ. अदिति वत्स ने अपने संदेश में कहा, “शिक्षक समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका योगदान केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे उनमें नैतिक मूल्यों, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ‘वनमाली शिक्षक सम्मान’ जैसे आयोजन शिक्षकों के समर्पण और उनके अतुलनीय योगदान को सम्मान देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। आरएनटीयू शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों के सम्मान और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।”
कार्यक्रम में आरएनटीयू के इंजीनियरिंग विभाग के डीन डॉ. विनय यादव ने अतिथियों और शिक्षकगण का स्वागत किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, विभिन्न पाठ्यक्रमों और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी साझा की।
आरएनटीयू के असिस्टेंट रजिस्ट्रार (एडमिशन) संतोष उपाध्याय ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस दौरान एडमिशन मैनेजर शरद दुबे सहित विश्वविद्यालय से जुड़े अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षाविद श्री उमाकांत दीक्षित और बैतूल के पूर्व डीपीसी श्री सुबोध शर्मा रहे। विशिष्ट अतिथियों में जिला शिक्षा अधिकारी बैतूल सुश्री पूनम बरकड़े, जिला रोजगार अधिकारी डॉ. श्याम कुमार धुर्वे और आईसेक्ट बैतूल के जिला प्रबंधक डॉ. प्रदीप राठौर शामिल रहे।
मुख्य अतिथि श्री उमाकांत दीक्षित और श्री सुबोध शर्मा ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने के साथ उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जिला रोजगार अधिकारी डॉ. श्याम कुमार धुर्वे ने सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनके समर्पण एवं योगदान की सराहना की।
समारोह में बैतूल जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 90 से अधिक शिक्षकों को सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा से जुड़े अधिकारियों, विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. प्रदीप राठौर ने मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, सम्मानित शिक्षकों और आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।



