वित्त मंत्री देवड़ा से मुलाकात के बाद शासकीय शिक्षकों ने तोड़ा अनशन
शिक्षक संघर्ष समिति द्वारा 1 अक्टूबर से शुरू कि गया था धरना

भोपाल। शिक्षक संघर्ष समिति मध्यप्रदेश के आह्वान पर राजधानी के सेकेंड स्टाप स्थित अंबेडकर ग्राउंड पर तीन सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना फिलहाल समाप्त कर दिया गया है। शिक्षक संघर्ष समिति के रमेश पाटिल और भरत भार्गव ने कहा कि तीन प्रमुख मांगों को लेकर शिक्षक संघर्ष समिति मध्यप्रदेश के पदाधिकारियों ने राज्य के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से मंगलवार को मुलाकात की। रमेश पाटिल ने कहा कि दूसरे चरण की बैठक सकारात्मक रही और उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने तीन सूत्रीय मांगों के समाधान का आश्वासन दिया है और अगली बैठक 15 अक्टूबर को होगी तब तक के लिए शिक्षक संघर्ष समिति ने धरना प्रदर्शन खत्म करने का निर्णय लिया है। भरत भार्गव ने कहा कि हमारी मांग है कि टीईटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षक जिसमें से बहुत से शिक्षक सेवानिवृत्ति के करीब हैं, टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की जा रही है। संघर्ष समिति की मांग है कि तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर सरकार की तरह टीईटी परीक्षा को रद्द करने केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए। पाटिल और भार्गव ने कहा कि प्रथम नियुक्ति से सेवा अवधि की गणना हो। शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि एवं वरिष्ठता की गणना की जाए, ताकि ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, पेंशन सहित अन्य सेवानिवृत्ति लाभों में वास्तविक सेवा अवधि का लाभ मिल सके। संघर्ष समिति ने शिक्षकों के लिए लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था को भी समाप्त करने की मांग की है।



