
नई दिल्ली: राज्यसभा की पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस सांसद और जेएनयू से छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपों में बर्खास्त प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी पहले से ही कांग्रेस के इस आरोपी एमपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही है और पार्टी की 15 महिला सांसदों ने मंगलवार को इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन भी सौंपा है। प्रियंका चतुर्वेदी ने महिला सम्मान के नाम पर ही कांग्रेस छोड़ी थी।शिवसेना (यूबीटी) नेता और पार्टी की पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी एक न्यूज चैनल पर यौन उत्पीड़न के आरोपों में जेएनयू से बर्खास्त प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम का इंटरव्यू प्रसारित किए जाने पर भड़क गई हैं। जेएनयू के यह प्रोफेसर इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद हैं। प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पोस्ट पर लिखा है, ‘एक न्यूज चैनल ने यौन उत्पीड़न के लिए जेएनयू से बर्खास्त एक एमपी का एक्सटेंसिव और एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किया। इसकी वजह से एक आरोपी ने चैनल को दर्शकों के सामने अपना पक्ष रखने के लिए एक प्लेटफॉर्म की तरह इस्तेमाल किया।’
कांग्रेस में अपने दुखद दिन का उठा चुकी हैं मुद्दा
उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) अभी कांग्रेस के गठबंधन में है और शायद यही वजह है कि प्रियंका खुलकर कांग्रेस का नाम लेने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही हैं। लेकिन, उन्होंने हाल ही में लखनऊ में कांग्रेस नेताओं के द्वारा पार्टी की महिला सदस्यों के साथ गाली-गलौच पर जिस तरह से तंज कसा था, उससे यही लगता है कि पार्टी का गठबंधन धर्म निभाने के लिए वह कांग्रेस या उसके नेता का नाम लेने से बचने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन एक महिला होने के नाते पार्टी में रहते अपने साथ हुई घटना को अभी तक भूल नहीं पा रही हैं।
कांग्रेस में अपने साथ बदसलूकी का आरोप लगाया था
तीन दिन पहले लखनऊ में कांग्रेस नेता अजय राय , आराधना मिश्रा और प्रमोद तिवारी की मौजूदगी में राय समर्थकों की ओर से महिला सदस्य के साथ हो रही अभद्रता वाला वीडियो शेयर करके लिखा था, ‘इस घटना ने मुझे सितंबर, 2018 याद दिला दिया।’
राहुल गांधी के अध्यक्ष रहते कांग्रेस छोड़ी थी
दरअसल, प्रियंका चतुर्वेदी उस घटना की बात कर रही हैं, जब यूपी के मथुरा में उनके कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रहने के दौरान पार्टी के पुरुष कार्यकर्ताओं ने उनके साथ बदसलूकी की थी। उन्हें इस बात की तकलीफ थी कि उनके साथ अभद्रता करने वाले जिन कार्यकर्ताओं को पहले हटा दिया गया था, उसे फिर से बहाल कर दिया गया। इसी वजह से 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान वह शिवसेना में शामिल हो गईं। सारे घटनाक्रम के दौरान राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष थे।
महिला सम्मान को लेकर मीडिया पर गुस्सा निकाला
अलबत्ता उन्होंने अपने ताजा ट्वीट में कांग्रेस के आरोपी सांसद को मंच देने के लिए मीडिया पर भड़ास निकाली है। उन्होंने लिखा, ‘यही मीडिया है..दुनिया को महिलाओं के लिए न्याय का उपदेश देता है, लेकिन आरोपी को अपनी बेगुनाही बताने के लिए माइक थमा देता है।’




