विदेश

पाकिस्तान ने यूरोपीय संघ के सामने उठाया सिंधु जल संधि का मुद्दा

पानी को आतंकवाद से जोड़ने की कोशिश

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने यूरोपीय संघ के सामने सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया है। उसने इस्लामाबाद में आयोजित वार्षिक आतंकवाद रोधी संवाद में भारत का नाम लिए बिना जल संसाधनों के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया। पाकिस्तान ने इस बैठक में पानी को आतंकवाद के साथ जोड़ने की कोशिश भी की, हालांकि, यूरोपीय संघ ने इस पर चुप्पी साध ली और कोई जवाब नहीं दिया है। पाकिस्तान सिंधु जल संधि को लेकर भारत पर हमलावर है, जिसे पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने निलंबित कर दिया था।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बताया, “पाकिस्तान और यूरोपीय संघ ने आज इस्लामाबाद में वार्षिक आतंकवाद-रोधी संवाद आयोजित किया। दोनों पक्षों ने आतंकवाद से निपटने में चल रहे द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, दोनों पक्ष आतंकवाद के सभी रूपों से लड़ने के अपने साझा संकल्प को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए। इस संवाद में सर्वोत्तम तौर-तरीकों के आदान-प्रदान पर भी ध्यान दिया गया। साथ ही, आतंकवाद के नए रुझानों—जिनमें आतंकवादियों और कुछ देशों द्वारा साइबर स्पेस, ऊर्जा और जल संसाधनों का दुरुपयोग शामिल है—से निपटने के लिए साझेदारी के नए रास्ते तलाशे गए।”

सिंधु जल संधि का मुद्दा उठा रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान दुनिया के हर मंच पर पूरे जोर-शोर के साथ सिंधु जल संधि का मुद्दा उठा रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भी सिंधु जल संधि का जिक्र किया था। पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी, शंघाई सहयोग संगठन और कई द्विपक्षीय बैठकों में इस मुद्दे को उठा चुका है। वह सिंधु जल संधि के निलंबल को “युद्ध की कार्रवाई” बताकर भारत को धमकाने की कोशिश भी करता है।

भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित किया

भारत ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। भारत ने दो-टूक कहा था कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते हैं। भारत सिंधु जल संधि में शामिल नदियों पर कई बड़े प्रोजेक्ट बना रहा है, जिससे देश को पानी का ज्यादा हिस्सा मिल सकेगा। पाकिस्तान ने इससे खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायालय में केस भी दर्ज किया था। हालांकि, भारत ने इस कोर्ट की वैधता पर सवाल करते हुए उसके फैसले को मानने से इनकार कर दिया था।

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