आधारहीन आरोप, जगतगुरु शंकराचार्य जी पर,लगाना, निँदनीय।


निम्न स्तर का आरोप सनातन विरोधी।
पूज्य जगतगुरु शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद जी, महाराज पर इस प्रकार का निम्न स्तरीय घटिया आरोप लगाना केवल साधु संतों एवं संन्यासियों ब्रह्मदंडधारियोँ का ही अपमान नहीं, समूचे सनातन धर्म पर असभ्य प्रहार है। शंकराचार्य का पद गरिमामय, एवं सनातन संस्कृति, प्रचार प्रसार व धर्म रक्षण धर्मसंवर्धन वेद वेदांग का समुचित पालन, राष्ट्रभक्ति राष्ट्र रक्षा धर्म रक्षा गौ रक्षा के लिए समर्पित भाव से परिपूर्ण ऐसे महान पुरुषों पर इस प्रकार का अनर्गल आरोप,अमानवीय,है। हम सभी सनातन धर्म प्रेमी एकजुट होकर इसका सशक्त विरोध करने के लिए तत्पर है।
जगतगुरु शंकराचार्य की आवाज को दबाने के लिए कुत्सित, प्रयास निश्चित असफल होगा हम समस्त धर्माचार्य राष्ट्रभक्त, एवं सनातन धर्म के परम उपासक इसकी कटुनिँदा करते हुए, इस घिनौने कृत्य की, पूर्णतः
आलोचना करते हैं। एवं हम सब धर्माचार्य ज्योतिषाचार्य
यज्ञाचार्य, पौराणिक कथा वक्ता व्यासगण, हमारी अपनी केंद्रीय सरकार से मांग करते हैं कि इसका तत्परता के साथ पटाक्षेप, करें एवं घिनौना आरोप लगाने वाले के ऊपर कठोर से कठोर कदम उठाया जाना चाहिए।
पंडित गंगा प्रसाद आचार्य
धर्माधिकारी अखिल भारतवर्षीय धर्म संघ शाखा मध्य प्रदेश


