योग, प्राणायाम और ध्यान से आत्महत्या की प्रवृत्ति पर नियंत्रण संभव – योग गुरु महेश अग्रवाल


भोपाल, 25 फरवरी 2026 को शासकीय राज्यस्तरीय विधि महाविद्यालय, भोपाल में “आत्महत्या रोकथाम एवं तनाव प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में योग प्रशिक्षक महेश अग्रवाल उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए तनाव, अवसाद एवं आत्महत्या जैसे गंभीर विषयों पर विस्तृत एवं सारगर्भित व्याख्यान दिया। अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में उन्होंने बताया कि किस प्रकार योग, प्राणायाम एवं ध्यान को दैनिक जीवनशैली में सम्मिलित कर मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है तथा सकारात्मक, संतुलित एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन जिया जा सकता है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ रोमा मुखर्जी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों एवं मानसिक तनाव को अपने तक सीमित न रखें, बल्कि समय-समय पर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापकों एवं परामर्शदाताओं से साझा करें, जिससे उचित मार्गदर्शन प्राप्त हो सके। कार्यक्रम का संचालन अर्चना उईके अस्थाना द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. अरुण मिश्रा ने उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार आयोजित त्रैमासिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को आत्महत्या रोकथाम एवं तनाव प्रबंधन से संबंधित विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर बच्चों सहित डॉ. अपूर्वा चतुर्वेदी, डॉ. श्रीमती ऋचा पारिक एवं डॉ. अनिल चौरसिया भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में तृतीय वर्ष एल.एल.बी. के छात्र उदय कुमार द्वारा आभार व्यक्त किया गया। यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी, जागरूकतापूर्ण एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई।

