सहारा समूह में मप्र के 9 लाख से ज्यादा निवेशकों का पैसा फंसा — सदन में अधूरी व भ्रामक जानकारी देने पर जयवर्द्धन सिंह ने उठाएं सवाल
6,689 करोड़ में से सिर्फ 355 करोड़ वापसी जोकि मात्र 5 प्रतिशत, जयवर्द्धन सिंह ने कहा सरकार बताएं 95 प्रतिशत कब तक वापस करवाएगी
भोपाल- पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक जयवर्द्धन सिंह ने विधानसभा में सहारा इंडिया समूह से जुड़े मध्यप्रदेश के लाखों निवेशकों के फंसे धन का गंभीर मुद्दा उठाते हुए सरकार से स्पष्ट और पारदर्शी जवाब देने की मांग की।जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि सहारा इंडिया समूह में मध्यप्रदेश के 9 लाख से अधिक छोटे मध्यम दैनिक रोजगार वाले निवेशकों की कमाई फंसी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 1 लाख 55 हजार आवेदकों के आवेदन ही प्रोसेस में लिए गए हैं , जबकि हजारों निवेशक अब भी न्याय की प्रतीक्षा में हैं।
उन्होंने बताया कि लगभग 6,689 करोड़ रुपये की देय राशि में से मात्र 355 करोड़ रुपये ही वापस किए गए हैं, जो कुल राशि का लगभग 5 प्रतिशत है। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और राज्य सरकार की उदासीनता को दर्शाती है।
जयवर्द्धन सिंह ने विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के माध्यम से यह भी उजागर किया कि वर्ष 1978 से 2012 के बीच विभिन्न योजनाओं के माध्यम से छोटे, मध्यम एवं दैनिक जमाकर्ताओं से लगभग 25,000 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। आज वही जमाकर्ता अपने ही पैसे के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
उन्होंने गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन में उन्हें उनके प्रश्न का विधिवत लिखित उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। उत्तर की शैली से ऐसा प्रतीत होता है मानो आरटीआई के अंतर्गत दी जाने वाली सामान्य जानकारी प्रस्तुत कर दी गई हो। मंत्री द्वारा दिया गया मौखिक वक्तव्य संसदीय परंपराओं और मर्यादाओं के प्रतिकूल था, जिसकी वे घोर निंदा करते हैं।
जयवर्द्धन सिंह ने स्पष्ट कहा कि वे इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री एवं प्रमुख सचिव को लिखित शिकायत करेंगे ताकि भविष्य में सदन की गरिमा के साथ इस प्रकार का व्यवहार न हो।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सहारा इंडिया समूह के विरुद्ध दर्ज एफआईआर की जानकारी सदन में छिपाई गई। उनके पास 123 एफआईआर दर्ज होने की जानकारी है, जबकि सदन में केवल 4 एफआईआर की जानकारी दी गई। यह तथ्य स्वयं में सरकार की मंशा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि उन्होंने सदन में यह जानकारी मांगी थी कि सहारा इंडिया द्वारा मध्यप्रदेश में खरीदी गई संपत्तियों को अटैच करने के संबंध में सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है ? लेकिन आश्चर्यजनक रूप से राज्य सरकार के पास इस विषय में कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है, जबकि आवश्यक है कि सहारा समूह की प्रदेश में स्थित सभी संपत्तियों को तत्काल चिन्हित कर नियमों के अनुसार कुर्क एवं जब्त किया जाए, ताकि उनकी नीलामी के माध्यम से लाखों पीड़ित निवेशकों का फंसा हुआ पैसा शीघ्र वापस कराया जा सके।
जयवर्द्धन सिंह ने सरकार से मांग की हैं कि—
1. सहारा समूह से संबंधित सभी लंबित दावों की समयबद्ध जांच हो।
2. मध्यप्रदेश के निवेशकों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
3. दर्ज सभी एफआईआर की पूर्ण सूची सार्वजनिक की जाए।
4. जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश के लाखों पीड़ित निवेशकों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।


