कौन हैं सीवी आनंद बोस?: 39 महीने रहे बंगाल के राज्यपाल, पूर्व IAS अफसर ने 32 किताबें भी लिखीं; जानिए खास बातें


पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने गुरुवार की शाम अचानक पद से इस्तीफा दे दिया है। वह पूर्व आईएएस अधिकारी रहे हैं। 32 किताबों के लेखक रहे हैं। इसके अलावा, सरकार में वह कई अहम पदों को संभाल चुके हैं। आइए, उनके बारे में विस्तार से जानते हैं-कौन हैं डॉ. सीवी आनंद
डॉ. सीवी आनंद बोस भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी हैं। वर्तमान मेघालय सरकार में वह सलाहकार हैं। वह लोक सेवक, आवास विशेषज्ञ, लेखक और वक्ता भी हैं। वे विश्वविद्यालय के कुलपति से लेकर भारत सरकार के सचिव, मुख्य सचिव का पद भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा वे हैबिटेट अलायंस के अध्यक्ष भी हैं और यूएन हैबिटेट गवर्निंग काउंसिल के सदस्य भी रह चुके हैंसीईआरएन और आईटीईआर में कर चुके भारत का प्रतिनिधित्व
बोस ने शिक्षा, वन और पर्यावरण, श्रम और सामान्य प्रशासन जैसे विभिन्न मंत्रालयों में जिला कलेक्टर और प्रधान सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में काम किया है। उन्होंने सस्ते आवास, सुशासन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कृषि, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में कई संस्थानों की स्थापना की है। बोस ने जिनेवा में यूरोपियन काउंसिल फॉर न्यूक्लियर रिसर्च (सीईआरएन) और फ्रांस में इंटरनेशनल फ्यूजन एनर्जी ऑर्गनाइजेशन (आईटीईआर) में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वह परमाणु उर्जा शिक्षा सोसायटी के भी अध्यक्ष रहे हैं।
राष्ट्रीय आवास पुरस्कार से सम्मानित हैं डॉ. बोस
संयुक्त राष्ट्र उनकी पहल को चार बार ‘ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में चुन चुकी है। इसके अलावा भारत सरकार भी उन्हें राष्ट्रीय आवास पुरस्कार से सम्मानित कर चुकी है। बोस इसके अलावा पद्नाभस्वामी मंदिर खजाने पर सुप्रीम कोर्ट की समिति के प्रमुख थे।
हिंदी, अंग्रेजी और मलयालम में प्रकाशित कीं 32 किताबें
वहीं, लेखन की बात करें तो उन्होंने उपन्यास, लघु कथाएं, कविताएं और निबंध समेत अंग्रेजी, हिंदी और मलयालम में 32 पुस्तकें भी प्रकाशित की हैं।


