अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव को देखते हुए सवाल ये उठ रहा है कि क्या ईरान पश्चिम एशिया में सैन्य ठिकानों पर हमले करके अमेरिका की कमर तोड़ रहा है? ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि बीते सात दिनों के टकराव में ईरान ने अमेरिका को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है। युद्ध की विभीषिका में एक तरफ अब तक 1400 से अधिक लोगों ने जान गंवाई है, तो दूसरी तरफ ईरान ने कतर और जॉर्डन जैसे पश्चिमी एशियाई देशों में हजारों करोड़ की लागत से बनाई गई अमेरिकी प्रणाली को नेस्तनाबूद कर दिया है। अमेरिका को 22 हजार करोड़ का नुकसान?
ईरान के हमलों से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले के जवाब में किए गए पलटवार की सबसे ताजा घटना जॉर्डन में की गई स्ट्राइक है, जहां थाड रडार सिस्टम को नष्ट करने का दावा किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक थाड रडार सिस्टम की लागत करीब 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 22 हजार करोड़ रुपये है। इस संबंध में आई खबरों के मुताबिक ईरान की तरफ से जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी हवाई अड्डे पर हमला किया गया। इस स्ट्राइक में अमेरिका की हजारों करोड़ की प्रणाली नष्ट हो गई।



