

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकल्प लिया है कि जब तक संसद मतदाता विधेयक को मंजूरी नहीं दे देती तब तक वे किसी अन्य बिल पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। डेमोक्रेट्स का मानना है कि यह विधेयक कुछ मतदाताओं को मताधिकार से वंचित कर देगा।अमेरिकी सीनेट में अटका पड़ा है सेव अमेरिका एक्ट
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने सेव अमेरिका एक्ट के लिए कड़ा रुख अपनाया। इसे रिपब्लिकन-नियंत्रित प्रतिनिधि सभा ने फरवरी में पारित कर दिया था लेकिन सीनेट में इसे पारित कराने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
क्या बोले ट्रंप और क्या है विधेयक का विवाद?
फ्लोरिडा के डोराल स्थित अपने गोल्फ क्लब में सप्ताहांत बिता रहे डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, राष्ट्रपति के रूप में मैं इस विधेयक के पारित होने तक किसी अन्य विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं करूंगा। ट्रंप अपने इस वादे पर अमल करेंगे या नहीं यह स्पष्ट नहीं है। यदि सांसद किसी विधेयक को पारित कर देते हैं और संसद सत्र के दौरान वे 10 दिनों तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं तो यह विधेयक उनके हस्ताक्षर के बिना ही कानून बन जाएगा।
विधेयक के तहत नागरिकता का प्रमाण देना अनिवार्य
सेव अमेरिका विधेयक के तहत नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के लिए पंजीकरण कराते समय नागरिकता का प्रमाण देना अनिवार्य होगा और बिना आवश्यक दस्तावेज के किसी का भी पंजीकरण करने वाले चुनाव अधिकारियों पर आपराधिक दंड लगाया जाएगा। सेफगार्ड अमेरिकन वोटर एलिजिबिलिटी (एसएवीई) अधिनियम (एचआर 8281/एचआर 22) एक प्रस्तावित अमेरिकी संघीय कानून है जो 1993 के राष्ट्रीय मतदाता पंजीकरण अधिनियम में संशोधन करके संघीय चुनावों में मतदान के लिए पंजीकरण करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की नागरिकता का प्रमाण अनिवार्य कर देगा।


