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संपूर्ण राजस्थान भ्रमण पर प्रबुद्ध लेखक सुरेश पटवा की शोधपूर्ण किताब “शौर्य भूमि की सैर” लोकार्पित 

“आजकल लोग मोबाइल की आँख से दुनिया देखते हैं। यह किताब लेखक ने अंतश्चेतना से लिखी है। यह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में बहुत उपयोगी सिद्ध होगी।” – डॉक्टर जितेंद्र सोनी, आईएएस, जिला कलेक्टर जिला मजिस्ट्रेट जयपुर

“यह किताब केवल पठनीय ही नहीं अपितु विद्वानों के द्वारा गहन विमर्श की माँग करती है।” – वरिष्ठ साहित्यकार, इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (सेवा निवृत)

भोपाल के प्रबुद्ध लेखक सुरेश पटवा की सम्पूर्ण राजस्थान यात्रा वृतांत ओर शोधपूर्ण पुस्तक “शौर्य भूमि की सैर” डॉक्टर जितेंद्र सोनी, आईएएस, जिला कलेक्टर जिला मजिस्ट्रेट जयपुर के मुख्य आतिथ्य में प्रौढ़ शिक्षा समिति, झालान सांस्कृतिक क्षेत्र, जयपुर के तत्वाधान में “अमराई” के मंच पर लोकार्पित हुई। श्री हरि राम मीणा, वरिष्ठ साहित्यकार, इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (सेवा निवृत), सारस्वत अतिथि के रूप में, राव शिवराज सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार और श्री कैलाश मेश्राम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

जिला कलेक्टर डॉक्टर जितेंद्र सोनी ने विमोचित कृति को लेखक के “गहन अध्ययन चिंतन मनन और शोध का परिणाम बताया। उन्होंने कहा की आजकल लोग मोबाइल की आँख से दुनिया देखते हैं। यह किताब लेखक ने अंतश्चेतना से लिखी है। यह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में बहुत उपयोगी सिद्ध होगी।” श्री हरि राम मीणा के अनुसार किताब केवल पठनीय ही नहीं अपितु विद्वानों के द्वारा गहन विमर्श की माँग करती है। वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमति आभा सिंह ने समीक्षा करते हुए कहा कि यह पुस्तक लेखक के गहन अध्ययन, सघन यात्रा और खोज का नतीजा है। लेखक की बारीक दृष्टि, विश्लेषण क्षमता और कल्पना शीलता इसे उत्कृष्ट रचना बनाती है।” राव शिवराज पाल ने शायराना अंदाज़ में कहा कि पुस्तक को लेखक ने एक मुकम्मल कारवां बनाया है।” साकार श्रीवास्तव ने पुस्तक को राजस्थान का इतिहास, भूगोल, संस्कृति का आईना बताया। कैलाश मेश्राम ने पुस्तक को अत्यंत रोचक शैली में लिखा है जो इसे शोध ग्रंथ की श्रेणी में रख इसे उत्कृष्ट बनाता है। राजस्थान की कई यात्राओं में लेखक के सहयात्री कैलाश मेश्राम ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि लेखक यायावरी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। इन्होंने यात्रा वृत्तांत के अनुभवों को अत्यंत रोचक शैली में प्रस्तुत किया है। सुरेश पटवा ने अपने लेखकीय वक्तव्य में कहा कि उनमें बचपन से किताबें पढ़ने और घुमक्कड़ी, अन्वेषण, विश्लेषण और मीमांसा की प्रवृत्ति विकसित हुई है। जो मेरे लेखन को स्वाभाविक रूप से सरस बनाती है।

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार श्री दयाराम वर्मा ने सुरेश पटवा को बहु आयामी लेखक निरूपित किया। पुस्तक लोकार्पण के पश्चात 28 रचनाकारों ने काव्य रचनाएं प्रस्तुत कीं। जिसमें बड़ी संख्या में जयपुर के साहित्यकार उपस्थित रहे। अमराई के अध्यक्ष साकार श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया।

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