शहरी विकास की रफ्तार थाम रहे लंबित मास्टर प्लान क्रेडाई मध्यप्रदेश की बैठक में समयबद्ध क्रियान्वयन की मांग
रियल एस्टेट सेक्टर के लिए नीति स्पष्टता और स्थिरता जरूरी



क्रेडाई मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण बैठक आज भोपाल में प्रदेश अध्यक्ष धीरेश खरे की अध्यक्षता एवं सचिव भरत जैन की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। बैठक में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, होशंगाबाद, खंडवा सहित विभिन्न शहरों के चैप्टर प्रतिनिधियों ने भाग लिया और प्रदेश के शहरी विकास और रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े प्रमुख नीतिगत विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
प्रमुख चर्चा एवं सुझाव: बैठक में भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर के लंबित मास्टर प्लान को शीघ्र लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। सदस्यों ने कहा कि तेज शहरीकरण के दौर में मास्टर प्लान में देरी से शहरों के नियोजित विकास और निवेश की गति प्रभावित हो रही है। साथ ही, नए मास्टर प्लान के अभाव में धारा 16 के अंतर्गत स्थगित कर दिए गए लेआउट एप्रूवल जारी रखने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया. एफएआर के नियमों की समीक्षा करते हुए विभिन्न शहरों में एकरूपता लाने और व्यावहारिकता बढ़ाने का सुझाव दिया गया। साथ ही, वर्तमान वित्तीय वर्ष में कलेक्टर गाइडलाइन रेट में वृद्धि नहीं करने की मांग रखी गई, ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे और आवासीय क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव न आए। बैठक में वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्टाम्प ड्यूटी में राहत, रेरा से जुड़े लंबित मामलों एवं प्रक्रियागत समस्याओं, तथा गाइडलाइन कमेटी में क्रेडाई के प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई।
संगठनात्मक एवं भविष्य की पहल:
नए चैप्टर्स के लिए कानूनी औपचारिकताओं को सरल बनाने, तथा सभी चैप्टर्स की सक्रियता की स्थिति की समीक्षा भी की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में त्रैमासिक बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी तथा एक सुव्यवस्थित वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, नेशनल क्रेडाई कार्यक्रमों की सक्रिय सहभागिता से स्किल डेवलपमेंट गतिविधियों को बढ़ावा, तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु अभियान चलाने पर भी सहमति बनी।
प्रमुख वक्तव्य:
जबलपुर से आए प्रदेश अध्यक्ष धीरेश खरे ने कहा, “मध्यप्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर राज्य की आर्थिक वृद्धि का एक महत्वपूर्ण आधार है। आवश्यक है कि नीतियों में स्थिरता, पारदर्शिता और एकरूपता लाई जाए, ताकि निवेश का वातावरण मजबूत हो और विकास की गति बनी रहे।”
प्रदेश सचिव भरत जैन ने इंदौर से हिस्सा लिया और कहा, “क्रेडाई एमपी प्रदेश के सभी चैप्टर्स के साथ समन्वय स्थापित कर व्यावहारिक सुझावों को सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मास्टर प्लान, गाइडलाइन रेट और RERA से जुड़े मुद्दों पर संरचित संवाद आवश्यक है।”
क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज मीक ने कहा, “राजधानी सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों के मास्टर प्लान का लंबित रहना शहरी विकास की गति को सीमित कर रहा है। आवश्यक है कि समयबद्ध रूप से इन्हें लागू किया जाए और नीतियों में स्पष्टता लाई जाए, ताकि निवेश, आवास और शहरी विस्तार को संतुलित दिशा मिल सके।”
ग्वालियर के अध्यक्ष सुदर्शन झंवर ने कहा, “गाइडलाइन रेट, एफएआर, प्रीमियम और रेरा से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, जिससे डेवलपर्स, निवेशक और आम नागरिक तीनों के हितों का संतुलन सुनिश्चित हो सके।”


