एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लीगल स्ट्डीज में इच्छामृत्यु एवं आधुनिक विधि पर व्याख्यान


भोपाल स्कूल ऑफ लीगल स्ट्डीज, एल एन सी टी युनिवर्सिटी भोपाल में इच्छामृत्यु एवं आधुनिक विधि पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्वलन तथा सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ के रूप में मुख्य अतिथि नितेश चौबे (फाउँडर, आशाएं ज्यूडिशियरी) एवं आमंत्रित अतिथि के रूप में डॉ. अजीता मिश्रा (एसोसिएट प्रोफेसर, एल एन पैरा-मेडिकल कॉलेज, शामिल हुए। यह कार्यक्रम प्रो. (डॉ.) मुकेश कुमार साहू (डीन एंड डायरेक्टर, स्कूल ऑफ लीगल स्ट्डीज, एल एन सी टी युनिवर्सिटी) की अध्यक्षता में किया गया। प्रो. (डॉ.) मुकेश कुमार साहू ने सभी को संबोधित करते हुए बताया कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने 11 मार्च 2026 अपने निर्णय हरीश राणा के मामले मै पैसिव यूथॅंएशिया दिशा-निर्देशों के तहत कानूनी मान्यता प्रदान की है, ओर कहा है आर्टिकल 21 जीने के अधिकार मै सम्मानपूर्वक मरने का अधिकार शामिल है जिसके तहत लाइलाज मरीजों को जीवन रक्षक प्रणालियों से अलग किया जा सकता है। नितेश चौबे ने अपने व्याख्यान में बताया कि एक मानसिक रूप से सक्षम वयस्क ‘लिविंग विल’ (अग्रिम निर्देश) बना सकता है, जिसमें वह असाध्य रोग की स्थिति में उपचार बंद करने की वसीयत कर सकता है। यदि रोगी कोमा अवस्था में है, तो अस्पताल को दो मेडिकल बोर्ड गठित करने होते हैं और अंतिम निर्णय के लिए उच्च न्यायालय की निगरानी की आवश्यकता हो सकती है। कार्यक्रम के दौरान प्रो. डॉ. अजीत सोनी (रजिस्ट्रार, एल एन सी टी युनिवर्सिटी,) एवं डॉ. विवेक श्रीवास्तव (प्रिंसिपल, एल एन पैरा-मेडिकल ) उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में करन तिवारी एवं स्निग्धा सरैया का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम की सफलता पर डॉ अनुपम चौकसे (ग्रुप सेक्रेटरी, एल एन सी टी) धर्मेन्द्र गुप्ता (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर), (डॉ.) एन. के. थापक (वी सी., एल एन सी टी युनिवर्सिटी) सहित सभी ने बधाईयां दी।



