केंद्रीय संसदीय समिति की सिफारिस अनुसार रुपये 7500 + डी ए और मेडिकल सुविधा लागू करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ईपीएफओ को ज्ञापन सौंपा


ईपीएस 95 पेंशनर्स राष्ट्रीय संघर्ष समिति मध्य प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष शशिभान भदौरिया अरुण वर्मा आर ए धारकर राजू अवस्थी आर के खरे के नेतृत्व मे केंद्रीय समिति के सिफारिस अनुसार रुपये 7500 + डी ए तथा मेडिकल सुविधा लागू करने का ज्ञापन ई पी एफ ओ एवं सांसद तथा कलेक्टर को सौंपा । राष्ट्रीय संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष शशिभान भदौरिया उपाध्यक्ष अरुण वर्मा प्रदेश समन्वयक आर ए धारकर ने भारत सरकार की नीतियों का कड़ा विरोध करते हुए कहा की क्या भारत मे ई पी एस 95 पेंशनर्स को सम्मानजनक जीने का अधिकार नही है राष्ट्रीय संघर्ष समिति मध्य प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष अरुण वर्मा ने कहा कि भारत मे क्या बुजुर्ग होना अपराध है ई पी इस 95 पेंशनर्स को न तो सम्मानजनक पेंशन दी जा रही है तथा जो भी सुविधा मिलती थी बंद कर दी गई है भारत मे बुजुर्ग 70 साल के बाद मेडिकल इन्श्योरेंश के लिए योग्य नही है बुजुर्गों को ई एम आई पर लोंन नही मिलता उन्हे जीवन यापन के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है यहाँ तक कि रियायती यात्रा सुविधा भी बंद कर दी गई है प्रधानमंत्री सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं क्या यही सबका साथ सबका विकास है देश के बुजुर्गों का इन्श्योरेंश नही होने के कारण देश के लाखों बुजुर्गों की बिना इलाज के मृत्यु हो जाती है जो कि भारत जैसे महान देश न्यायसंगत नही है
अत : राष्ट्रीय संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष शशिभान भदौरिया उपाध्यक्ष अरुण वर्मा प्रदेश समन्वयक आर ए धारकर ने ई पी एफ ओ कर्मचारी भविष्य निधि संगठन भोपाल को ज्ञापन सौंपकर प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से विनम्र अनुरोध किया है कि केंद्रीय संसदीय समिति के सिफारिस अनुसार ई पी एस 95 पेंशनर्स के लिए रुपये 7500 + डी ए तथा मेडिकल सुविधा लागू किया जाये ताकि ई पी एस 95 के पेंशनर्स को सम्मानजनक पेंशन का लाभ मिल सके साथ ही देश के बुजुर्ग सम्मान जनक जीवन जी सकें अन्यथा पूरे देश में आमरण अनशन एवं रेल रोको रास्ता रोको आंदोलन करेंगे जिसकी पूरी जबाबदारी भारत सरकार की होगी। इस अवसर पर प्रमुख रूप से आर के खरे राजू अवस्थी शैलेन्द्र शर्मा आर डी सिंह अरुण कामले विद्दा राम हरीशंकर प्रसाद माता दीन मुन्ना लाल अनिल श्रीवास्तव कैलाश वर्मा गोपाल अवस्थी हरी ओम अरुण चौधकर सहित भारी संख्या मे पेंशनर्स उपस्थित थे।



