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महाराष्ट्र पुलिस कॉन्स्टेबल बेटी ने की पिता की हत्या, ब्रेकअप से नाराज प्रेमी ने 3 साल बाद खोला राज

चंद्रपुर : महाराष्ट्र के चंद्रपुर में एक हेड कॉन्स्टेबल की अचानक मौत हो गई थी। लगभग तीन साल पहले हुई इस घटना को एक हादसा मान लिया गया। केस भी बंद हो गया, लेकिन तीन साल बाद अचानक इस केस में ट्विस्ट आया है। चंद्रपुर के जांचकर्ताओं ने मामले को फिर से खोलकर इसे सुनियोजित हत्या करार दिया। हैरानी की बात है कि इस केस में कॉनस्टेबल की हत्या का आरोप उसकी बेटी पर ही है। वह बेटी जिसे पिता की जगह महाराष्ट्र पुलिस विभाग में नौकरी मिल गई थी। वह अभी एक ट्रेनी पुलिस है। कॉन्स्टेबल की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसकी बेटी समेत तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार लोगों में उसका प्रेमी भी है, जिससे उसका ब्रेकअप हो गया था। इसी प्रेमी ने गुस्साकर अपनी प्रेमिका के खिलाफ मुखबरी की, जिससे केस खुला।

ड्यूटी के दौरान चक्कर खाकर गिरे थे जयंत

पुलिस ने बताया कि कॉन्स्टेबल जयंत बल्लवार की बेटी ने अपने पिता को ड्यूटी पर जाने से पहले मिल्कशेक पिलाया था। इस मिल्कशेक में उसने जहर मिलाकर उन्हें दिया था। जयंत बल्लवार कलेक्ट्रेट प्रशासनिक भवन के पास ड्यूटी के दौरान गिर पड़े और 25 मार्च, 2023 को चंद्रपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उस समय किसी भी तरह की साजिश का संदेह नहीं था।

तीन साल बाद पुलिस ने शुरू की जांच

केस बंद हो गया और पिता की मौत के बाद बेटी आर्या को उनकी जगह नौकरी मिल गई। आर्या पुलिस की ट्रेनिंग ले रही थी। मामले में तब निर्णायक मोड़ आया जब जयंत की बेटी आर्या के पूर्व प्रेमी आशीष शेडमाडे ने पुलिस को मुखबरी की। उसने जयंत की हत्या के सबूत पेश किए। जिसके बाद रामनगर पुलिस ने परिस्थितियों की फिर से जांच की। इसके बाद आर्या, आशीष (30), चैतन्य उर्फ ​​मोंटी गेदम (22) और भद्रावती के एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया।

पिता को नहीं मंजूर था आर्या और आशीष का रिश्ता

जांचकर्ताओं ने बताया कि आर्या और आशीष 2022 से रिश्ते में थे। जयंत को उनका रिश्ता मंजूर नहीं था। वह इसका विरोध कर रहे थे। इसी विरोध के कारण घर में अक्सर झगड़े होते थे। पुलिस का आरोप है कि आर्या अपने पिता को अपनी शादी में बाधा मानती थी और आशीष और अन्य लोगों के साथ मिलकर उन्हें खत्म करने की साजिश रची। योजना के तहत, एक नाबालिग के जरिए जहर मंगवाया गया और गेदम नामक दलाल के माध्यम से आर्या को ₹5,000 में पहुंचाया गया।

नौकरी पर जाने से पहले मिल्कशेक में दिया जहर

घटना वाले दिन, जयंत के घर से निकलने के पहले आर्या ने उन्हें मिल्कशेक पिलाया। इसमें उसने जहर मिला दिया। यह जहर धीरे असर वाला था। जब वह काम पर पहुंचे तो वहां उन्हें चक्कर आया और वह गिर पड़े। उन्हें अस्पताल ले जाया गया और वहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

फिर से जांच में हुआ यह खुलासा

जयंत का मामला दोबारा खोला गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम और रासायनिक विश्लेषण की समीक्षा की, जिसके बाद जहर की पुष्टि हुई। जांच के दौरान दर्ज किए गए बयानों से भी एक सुनियोजित कृत्य की ओर इशारा मिला। सूत्रों ने बताया कि उस समय न तो आर्या और न ही आशीष पुलिस बल में कार्यरत थे। आशीष बाद में पुलिस बल में शामिल हुए, लेकिन कुछ महीने पहले दुर्व्यवहार के आरोप में उसे बर्खास्त कर दिया गया।

आर्या को अपने पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर पुलिस में नौकरी मिली और वह वर्तमान में प्रशिक्षण ले रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आर्य और आशीष के बीच हुए विवाद के बाद इस अपराध का खुलासा हुआ। आशीष ने पुलिस से संपर्क कर साजिश का खुलासा किया। पीएसआई कृष्णा दराडे की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पीएसआई अश्विनी वाकडे पुलिस निरीक्षक आसिफ राजा शेख की देखरेख में जांच कर रही हैं।

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