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: रूपाली चाकणकर ने NCP महिला विंग के प्रदेश अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, अशोक खरात विवाद के बीच दूसरा बड़ा झटका

मुंबई/पुणे: पिछले कुछ दिनों से धोखेबाज ‘बाबा’ अशोक खरात से जुड़ा मामला पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अशोक खरात के साथ वीडियो वायरल होने के बाद रूपाली चाकणकर ने पहले ही राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि मैं निजी कारणों से इस्तीफा दे रही हूं। हालांकि अब उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की महिला विंग के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे ने अब राजनीतिक गलियारों में जोरदार अटकलों को जन्म दे दिया है।

विपक्ष का बढ़ता दबाव और पार्टी के भीतर असंतोष
फर्जी ‘बाबा’ अशोक खरात को अपना ‘गुरु’ मानना रूपाली चाकणकर के लिए बहुत भारी पड़ा है। उन्हें कई तरफ से आलोचना का सामना करना पड़ रहा था। पार्टी के भीतर भी कई लोगों ने एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार से चाकणकर के इस्तीफे की मांग की थी। आखिरकार बढ़ते दबाव के आगे झुकते हुए चाकणकर ने पद छोड़ने का फैसला किया।

सुनेत्रा पवार को लिखे पत्र में अपनी स्थिति स्पष्ट की
रूपाली चाकणकर ने सुनेत्रा पवार को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा सौंपा। पत्र में उन्होंने कहा कि मैं NCP महिला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देती हूं। मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि कृपया इसे स्वीकार करें। इस्तीफे के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरी स्थिति बेहद कष्टदायक रही है।

मेरा किसी भी गलत काम से कोई लेना-देना नहीं है
अपने पत्र में चाकणकर ने आगे कहा कि मैंने खरात मामले पर पहले दिन से ही अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उनके किसी भी वित्तीय लेन-देन या कथित गलत कामों से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। दूर-दूर तक भी नहीं। मैं आज भी अपनी बात पर कायम हूं और जांच के दौरान ये सभी तथ्य निश्चित रूप से सामने आ जाएंगे। बिना किसी सबूत के केवल मीडिया चैनलों के माध्यम से मुझ पर लगाए जा रहे झूठे आरोप बेहद पीड़ादायक हैं। सच बहुत जल्द सामने आ जाएगा।

मुख्यमंत्री से की मांग
उन्होंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक को पहले ही एक अनुरोध सौंपा है, जिसमें मांग की गई है कि इस मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाए। महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद चाकणकर ने अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा कि यह सच है कि मैं अशोक खरात को अपना मार्गदर्शक मानती थी। हालांकि मैं उनके कामों से पूरी तरह अनजान थी। जब मुझे इस स्थिति के बारे में पता चला, तो मैंने खुद उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया कि वे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने इस बात पर भी खेद व्यक्त किया कि उन्हें केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है और बदनाम किया जा रहा है, क्योंकि वह एक महिला हैं। अब सुनेत्रा पवार के साथ चर्चा के बाद चाकणकर ने भी अपने पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया है। अब सबकी नजरें सुनेत्रा पवार यानी पार्टी नेतृत्व पर टिकी हैं कि वे इस इस्तीफे के संबंध में क्या रुख अपनाती हैं।

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