

पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) कमर जावेद बाजवा का शनिवार को 65 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने रावलपिंडी के मिलिट्री अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। फरवरी में घर के बाथरूम में फिसलने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। उसके बाद वे आईसीयू में भर्ती थे।
विवादों से भरा रहा बाजवा का कार्यकाल
2016 से 2022 तक सेना की कमान संभालने वाले जनरल बाजवा का कार्यकाल उतार-चढ़ाव भरा रहा। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ उनके रिश्तों में आई दरार और 2022 में सत्ता परिवर्तन के दौरान उनकी भूमिका वैश्विक चर्चा का विषय बनी थी। इमरान खान ने सार्वजनिक सभाओं में उन पर तटस्थ रहकर विपक्ष की मदद करने के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके जवाब में सेना ने इन दावों को सदैव खारिज किया। सेना प्रमुख के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान परिवार की संपत्ति में हुई बेतहाशा वृद्धि भी विवादों में रही। हालांकि, बाजवा के समर्थकों ने इन आरोपों को उनकी छवि धूमिल करने की साजिश करार दिया था। उनके निधन के साथ ही पाकिस्तान की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था के एक प्रभावशाली अध्याय का अंत हो गया है।
सफल सर्जरी के बाद बिगड़ी हालत
जानकारी के मुताबिक, डॉक्टरों ने उनके भर्ती होने के तुरंत बाद बड़ी सर्जरी की और उन्हें इंटेंसिव केयर यूनिट में कड़ी निगरानी में रखा गया। हॉस्पिटल के अधिकारियों ने पहले सर्जरी को सफल बताया था, लेकिन रिकवरी उनकी आगे की हालत पर निर्भर थी। उनकी चोटों की गंभीरता के कारण मेडिकल टीमों ने उन पर करीब से नजर रखी थी।



