खबरमध्य प्रदेश

कौशिकी उइके ने ट्राइबल ज्वैलरी का संग्रह कर दिया व्यवसाय का रूप

सदियों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ा रहे कौशिकी उइके

आज के दौर में लोग खुद को आधुनिक दिखाने के लिए पाश्चात्य संस्कृति की ओर दौड़ रहे हैं वहीं बालाघाट जिले की परसवाड़ा तहसील के कौशिकी उइके जनजातीय परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। सदियों से चली आ रही लेकिन लुप्त हो रही ट्राइबल ज्वैलरी कौशिकी ने  संग्रह किया है। उन्होंने बताया कि वह 2015-16 से विभिन्न प्रकार की ट्राइबल ज्वैलरी एकत्र कर रहे हैं। कौशिकी ने कहा कि हमारी परंपराएं खत्म हो रही है, नए लोग इन्हें छोड़ रहे हैं।  इस परंपरा को जीवंत बनाए रखने के लिए हमने प्राचीन ज्वेलरी का कलेक्शन किया और उसे व्यापारिक रूप दिया है। हम इसे आगे बढ़ना चाहते हैं।  कौशिकी ने कहा कि धातु के गहने हम आर्टिस्ट से तैयार करवाते हैं, मोर पंख और विभिन्न पेड़ पौधों से आभूषण मैं खुद तैयार करता हूं । उन्होंने कमरबंद की विशेषता बताते हुए कहा कि इसे आमतौर पर कुंवारी लड़कियां पहनती हैं इसका वैज्ञानिक तर्क यह है कि इससे कमर की चौड़ाई नहीं बढ़ती है ।  चांदी शरीर को ठंडक प्रदान करती है, सभी पुराने आभूषण वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button