चंड शोक से धम्म शोक बने सम्राट अशोक, कलिंग युद्ध से हुआ हृदय परिवर्तन-लायन अरुण कुमार सोनी
चक्रवर्ती महान सम्राट अशोक जयंती कार्यक्रम बंधन गार्डन विदिशा में आयोजित हुआ
विदिशा । अखिल भारतीय महात्मा फुले समता परिषद, विदिशा इकाई के तत्वावधान में बंधन गार्डन में महान चक्रवर्ती सम्राट अशोक मौर्य की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित विचार संगोष्ठी में वक्ताओं ने सम्राट अशोक के जीवन, उनके वैचारिक परिवर्तन और समाज सेवा के कार्यों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ सम्राट अशोक की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया गया।
द लायंस इंटरनेशनल मल्टीपल एवं डिस्ट्रिक्ट सह-मल्टीमीडिया प्रभारी और अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी लायन अरुण कुमार सोनी ने सम्राट अशोक के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण मोड़ ‘कलिंग युद्ध’ हृदय परिवर्तन कारी का उल्लेख किया। चंड शोक से धम्म शोक भैरी घोष से धम्म घोष के बारे में लोगों को विस्तार से बताया।
इस विचार संगोष्ठी में नीरज कुशवाहा, पूर्व पार्षद नवनीत कुशवाहा, रविंद्र यादव, उमराव सिंह कुशवाहा, कृष्णा कुशवाहा (ठर्र), उमराव सिंह कुशवाहा (अहमदपुर) सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे। सभी ने सम्राट अशोक के शांति और सद्भाव के संदेश को आज के समय में प्रासंगिक बताया।



