

नेशनल 22 अप्रैल, 2026: एक मजबूत और आत्मनिर्भर उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए, प्राइम (प्रमोशन एंड इन्क्यूबेशन ऑफ मार्केट-ड्रिवन एंटरप्राइजेज) मेघालय ने ‘प्राइम इग्नाइट 2026’ का आयोजन किया। लोक भवन, शिलांग के दरबार हॉल में हुए इस कार्यक्रम में राज्य के उद्यमी और अधिकारी एक साथ आए। यहां उनकी रचनात्मक सोच को सामने लाया गया और उद्यमियों को मजबूत बनाने के लिए जरूरी सुविधाओं की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण ‘प्राइम वार्षिक पुस्तिका’ का विमोचन रहा। इसके साथ ही इसमें योगदान देने वालों और संपादकीय टीम को सम्मानित किया गया। इस पुस्तिका में पिछले एक साल में प्राइम के तहत हुए काम, साझेदारियां और उसके प्रभाव को सरल तरीके से बताया गया है।
इस मौके पर राज्य की आर्थिक बढ़ोतरी में युवाओं की भूमिका को भी सराहा गया। ‘प्राइम छात्र एम्बेसडर प्रतियोगिता’ के विजेताओं को चेक और प्रमाणपत्र दिए गए। इससे यह संदेश दिया गया कि जमीनी स्तर से ही उद्यमिता की सोच को बढ़ावा देना जरूरी है। इस प्रतियोगिता में कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस की टीम को पहला स्थान मिला, जबकि जैंतिया ईस्टर्न कॉलेज के छात्रों ने प्रथम और द्वितीय उपविजेता स्थान हासिल किया।
सभा को संबोधित करते हुए, डॉ. माज़ेल अम्पारेन लिंगदोह, सलाहकार, मेघालय सरकार (योजना, निवेश प्रोत्साहन और सतत विकास) ने कहा कि राज्य उद्यमिता को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “हम नवाचार को किस्मत नहीं मानते। ‘इग्नाइट’ का मतलब है कि विचार लोगों से आते हैं, सरकार उनका साथ देती है और यह सुनिश्चित करती है कि शुरुआत से लेकर बाजार तक उन्हें पूरा समर्थन मिले।”
उन्होंने बताया कि सीएम एलीवेट के तहत 2,847 उद्यमियों को जोड़ा गया है, 885 से ज्यादा इकाइयों को वित्तीय सहायता दी गई है और 1,350 प्राइम स्टार्टअप्स का पंजीकरण हुआ है। इसके अलावा, बिज़नेस फैसिलिटेशन सर्विसेज के जरिए 459 युवा उद्यमियों को सीधे मदद दी गई है, ताकि उन्हें बाजार से जुड़ने, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता मिल सके और वे अपने विचारों को बड़े व्यवसाय में बदल सकें।
मुख्य भाषण में, श्री डी डी शिरा, एमसीएस, निदेशक, मेघालय इंस्टिट्यूट ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप ने कहा कि आज की वैश्विक चुनौतियों से निपटने में नवाचार और रचनात्मकता बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व में शुरू हुआ प्राइम कार्यक्रम अब तक कई बदलाव ला चुका है। इसने हजारों स्थानीय उद्यमियों को मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और बाजार से जुड़ने के मौके दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य आगे भी इस दिशा में काम करता रहेगा।
इस कार्यक्रम में तीन महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों की भी शुरुआत की गई। प्राइम डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर्स प्लेटफॉर्म (प्राइम डीएसपीपी), जो सेवाओं को एक जगह पर लाएगा; एकान्भा वेबसाइट, जो दिव्यांग कारीगरों को ई-कॉमर्स के जरिए काम का मौका देगी; और ओएनजी यी डिलीवरी ऐप, जो अपर शिलांग की पहली ऑनलाइन होम डिलीवरी सेवा है। ये सभी प्लेटफॉर्म उद्यमियों को जरूरी सेवाओं से जोड़ने में मदद करेंगे।
कार्यक्रम में स्थानीय नवाचारों की भी झलक देखने को मिली। अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने अपने काम पेश किए, जिनमें छात्र टीम सेक्जूलॉजी और स्मार्ट टूरिस्ट स्पॉट क्राउड मैनेजमेंट के रचनात्मक उत्पाद, जॉय डे की कोराले हेल्थ एंड हाइजीन के स्वास्थ्य से जुड़े समाधान, और बनाइबोर खारमिन्थन की मेकाट्रॉन प्राइवेट लिमिटेड की जीआईएस, आईटी और आईओटी सेवाएं शामिल थीं।
मेघालय लगातार अपने स्थानीय नवाचारों को बढ़ावा दे रहा है और प्राइम इग्नाइट 2026 इस दिशा में राज्य की मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाता है।


