पनामा पेपर्स टिप्पणी से जुड़े मानहानि केस में राहुल गांधी की याचिका पर 12 मई को MP हाईकोर्ट में होगी अंतिम सुनवाई


पनामा पेपर्स (Panama Papers) टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में राहुल गांधी की याचिका पर अंतिम सुनवाई मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में 12 मई, 2026 को निर्धारित है. मामला मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 की चुनावी रैली के दौरान राहुल गांधी द्वारा दिए गए एक विवादित बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने तत्कालीन मध्य प्रदेश सीएम शिवराज सिंह और उनके बेटे को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. दरअसल, झाबुआ में आयोजित एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कथित तौर पर आरोप लगाया था कि पनामा पेपर्स लीक मामले में तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम शामिल है, हालांकि बयान के अगले ही दिन राहुल गांधी ने गलती स्वीकार कर ली थी.
पूर्व सीएम और उनके बेटे का नाम पनामा पेपर्स में होने की बात कहकर बुरे फंसे थे राहुल गांधी
गौरतलब है तत्कालीन मध्य प्रदेश सीएम और मौजूदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकय सिंह चौहान का नाम पनामा पेपर्स में होने की बात कहकर बुरे फंसे राहुल गांधी तुरंत गलती सुधारते हुए कहा था. वे “भ्रमित” हो गए थे और कहा था कि पनामा पेपर लीक मामले में सीएम के परिवार की कोई भूमिका नहीं है.
सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगने पर उनके खिलाफ दर्ज कराया गया था मानहानि का केस
राहुल गांधी द्वारा पूर्व एमपी सीएम शिवराज सिंह चौहान के गलत बयानी करने और गलती के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगे जाने पर कार्तिकेय सिंह चौहान ने उनके खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था. राहुल गांधी ने एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी समन को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती दी है और एमपी हाई कोर्ट की जबलपुर पीठ 12 मई को याचिका की केस की स्वीकार्यता और मेरिट पर अंतिम सुनवाई करेगी.
12 मई को राहुल गांधी से जुड़े दो अन्य मामलों की भी सुनवाई दो अलग-अलग कोर्ट में होनी है
संयोगवश, 12 मई को राहुल गांधी से जुड़े दो अन्य प्रमुख मामलों की सुनवाई भी अलग-अलग कोर्ट में होनी है. आय से अधिक संपत्ति मामले में राहुल गांधी के खिलाफ दायर एक याचिका की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में करेगी. वहीं, दूसरी सुनवाई वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट में होनी है, जहां बीजेपी कार्यकर्ताओं और हिंदू राष्ट्रवाद पर उनकी कथित टिप्पणियों को लेकर की गई थी.


