एलएन मेडिकल कॉलेज जे.के. हॉस्पिटल में नवजात शिशुओं की जीवन रक्षा के लिए राष्ट्रीय अभियान


भोपाल जे के हॉस्पिटल में नवजात शिशुओं की मृत्यु दर कम करने के उद्देश्य से नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम (एनएनएफ) इंडिया द्वारा देशभर में नियोनेटल रिससिटेशन प्रोग्राम (एनआरपी) दिवस मनाया गया। इस अवसर पर नवजात पुनर्जीवन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह अभियान एनएनएफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ललन कुमार भारती के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जन्म के तुरंत बाद जरूरत पड़ने पर नवजात शिशुओं को समय पर प्रभावी श्वास सहायता और पुनर्जीवन सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि मौतों को कम किया जा सके।
जन्म के शुरुआती मिनट सबसे महत्वपूर्ण
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में नवजात मृत्यु दर अब भी गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है। इसका एक बड़ा कारण जन्म के समय शिशु का स्वयं सांस शुरू नहीं कर पाना है। चिकित्सकों का कहना है कि जन्म के बाद शुरुआती कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा समय पर दी गई सहायता हजारों नवजातों का जीवन बचा सकती है।
एनएनएफ इंडिया द्वारा इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत पूरे देश में 998 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें करीब 20 हजार स्वास्थ्यकर्मी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण अभियान महानगरों के साथ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है।
मध्यप्रदेश में भी विभिन्न केंद्रों पर एनआरपी प्रशिक्षण आयोजित किए गए, जिससे नवजात आपातकालीन देखभाल सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
निःशुल्क प्रशिक्षण में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ शामिल*
यह प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क आयोजित किया गया, जिसमें सरकारी और निजी क्षेत्र के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। एनएनएफ इंडिया ने प्रशिक्षण समन्वय और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम डॉ. चंद्रमोहन एस. रेड्डी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लीड इंस्ट्रक्टर के रूप में डॉ. ज्योत्सना श्रीवास्तव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव रहीं, एवम् को-इंस्ट्रक्टर के रूप में डॉ. श्वेता आनंद एवं डॉ. मंजरी गुप्ता का विशेष योगदान रहा।



