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17 साल के शानदार करियर पर लगा विराम, कीथ बार्कर ने प्रोफेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा

इंग्लैंड के अनुभवी ऑलराउंडर और वार्विकशायर के खिलाड़ी कीथ बार्कर ने प्रोफेशनल क्रिकेट से तत्काल प्रभाव से संन्यास लेने का एलान कर दिया है। 39 वर्षीय बार्कर का क्रिकेट करियर 17 सीजन तक चला। उन्होंने अपने करियर का आखिरी दौर उसी क्लब के साथ खत्म किया, जहां से उन्होंने अपने पेशेवर सफर की शुरुआत की थी।
चोट के कारण इस सीजन सीमित रहे मौके
बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और बाएं हाथ के बल्लेबाज बार्कर ने 2009 में वार्विकशायर के लिए डेब्यू किया था। हालांकि, इस सीजन 12 महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर क्लब में वापसी करने के बाद उनका सफर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। घुटने की चोट के कारण उन्हें ज्यादा मैच खेलने का मौका नहीं मिला और वह इस सीजन सिर्फ दो काउंटी चैंपियनशिप मुकाबलों में मैदान पर उतरे। उन्होंने अपना आखिरी मैच जून में स्कारबोरो में यॉर्कशायर के खिलाफ खेला था, जो ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
ऐसा रहा फर्स्ट क्लास करियर
- कीथ बार्कर ने 171 फर्स्ट क्लास मैचों में 5554 रन बनाए। उनका बल्लेबाजी औसत 28.33 रहा और उनके नाम छह शतक दर्ज हैं।
- गेंदबाजी में उन्होंने 544 विकेट हासिल किए, जिसमें 23 बार पांच विकेट लेने का कारनामा शामिल है।
- फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 46 रन देकर 7 विकेट रहा, जो उन्होंने 2021 में नॉटिंघमशायर के खिलाफ हासिल किया था।
- वहीं 2012 में डरहम के खिलाफ उन्होंने मैच में 70 रन देकर 11 विकेट लिए थे।
- दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों ही सीजन में वार्विकशायर ने काउंटी चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था।
- लिस्ट ए और टी20 क्रिकेट को मिलाकर बार्कर ने 158 विकेट हासिल किए और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में 1,000 से ज्यादा रन भी बनाए।
फुटबॉल में भी था शानदार करियर का मौका
क्रिकेट को अपना पेशा बनाने से पहले बार्कर फुटबॉल में भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे। उन्होंने इंग्लैंड की अंडर-20 टीम तक का प्रतिनिधित्व किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने क्रिकेट पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया और यहीं से उनके शानदार क्रिकेट करियर की शुरुआत हुई।वार्विकशायर के साथ रहा खास रिश्ता
बार्कर ने अपने संन्यास के ऐलान के बाद वार्विकशायर को अपने लिए बेहद खास बताया। उन्होंने कहा कि क्लब में उन्होंने सिर्फ क्रिकेटर के रूप में ही नहीं, बल्कि एक इंसान के तौर पर भी खुद को विकसित किया। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए वार्विकशायर का क्या मतलब है, इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। मैं पहली बार 2008 में क्लब में आया था और यहां दस साल बिताए। इसके बाद हैम्पशायर के साथ सात शानदार सीजन गुजारे और फिर उसी जगह करियर खत्म करने का मौका मिला, जहां से इसकी शुरुआत हुई थी।’ बार्कर ने हैम्पशायर में बिताए समय को भी अपने करियर का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और कहा कि वहां उन्हें ऐसी यादें और दोस्त मिले, जो हमेशा उनके साथ रहेंगे।‘अभी भी खेलना चाहता हूं, लेकिन शरीर ने जवाब दे दिया’
संन्यास के फैसले को लेकर बार्कर ने भावुक होते हुए कहा कि वह अब भी प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं और गेंद अपने हाथ में लेकर टीम के लिए योगदान देने की इच्छा रखते हैं। लेकिन लंबे करियर और लगातार चोटों के बाद उनका शरीर अब उन्हें आगे खेलने की इजाजत नहीं दे रहा है।उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा से जानता था कि यह दिन आएगा, लेकिन इससे यह फैसला आसान नहीं हो जाता। मेरे दिमाग में अभी भी प्रतिस्पर्धा करने की इच्छा है, अभी भी गेंद अपने हाथ में लेने की चाहत है और मुझे अब भी लगता है कि मैं योगदान दे सकता हूं। दुर्भाग्य से, लंबे करियर और कई चोटों के बाद मेरा शरीर कह रहा है कि अब समय आ गया है।’ उन्होंने अपने करियर का अंत वार्विकशायर और उस शहर में करने को बेहद खास बताया, जिसे उन्होंने अपना घर माना।



