खबरमध्य प्रदेश

SGSU के ‘साइबर शिक्षा फॉर साइबर सुरक्षा’ अभियान से 6,336 लोग हुए जागरूक

साइबर पुलिस भोपाल एवं क्विक हील के सहयोग से 29 जागरूकता प्रस्तुतियां और 20 प्रभाव गतिविधियां आयोजित

भोपाल। डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता को आवश्यक मानते हुए स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी (SGSU) ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की है। साइबर पुलिस भोपाल एवं क्विक हील के सहयोग से संचालित ‘सायबर शिक्षा फॉर सायबर सुरक्षा’ अभियान के तहत विश्वविद्यालय के “सायबर वॉरियर्स” ने विभिन्न स्कूलों एवं संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 6,336 लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया।

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. सितेश कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान के अंतर्गत कुल 29 साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 5,877 विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। वहीं, 20 इम्पैक्ट एक्टिविटीज के माध्यम से 459 श्रमिकों तक भी साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाई गई। इस प्रकार अभियान की कुल पहुंच 6,336 लोगों तक रही।

जागरूकता कार्यक्रमों में विद्यार्थियों और समुदाय के लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल एवं लिंक, OTP साझा करने के खतरे, सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल भुगतान में सावधानी, साइबर फ्रॉड की पहचान तथा साइबर अपराध होने पर तत्काल सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को यह भी समझाया गया कि साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक डिजिटल उपयोगकर्ता की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।

अभियान के तहत सीएलआरआर इंटरनेशनल स्कूल, स्कोप पब्लिक स्कूल, ज्ञान ज्योति एकेडमी स्कूल, विवेक जाग्रति विद्यालय, एकलव्य मॉडल रेसिडेंशियल स्कूल, बॉयज गवर्मेंट स्कूल, आचार्य श्रीराम विद्यालय, महाराणा प्रताप हायर सेकंडरी स्कूल, केएम कॉन्वेंट हायर सेकंडरी स्कूल, सेंट पीटर्स हायर सेकंडरी स्कूल और कार्मल कॉन्वेंट सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

*‘साइबर सुरक्षा आज की अनिवार्य जीवन-कौशल’ — डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी*

SGSU के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि आज डिजिटल तकनीक हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है, ऐसे में साइबर सुरक्षा का ज्ञान प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा, “युवा पीढ़ी तकनीक का सबसे अधिक उपयोग करती है, इसलिए उन्हें साइबर खतरों की पहचान और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। SGSU का प्रयास है कि हमारे विद्यार्थी केवल तकनीकी रूप से दक्ष न बनें, बल्कि जिम्मेदार और जागरूक डिजिटल नागरिक भी बनें।”

*‘जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव की पहली सुरक्षा पंक्ति’ — डॉ. विजय सिंह*

SGSU के कुलगुरु डॉ. विजय सिंह ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए तकनीकी उपायों के साथ-साथ जागरूकता भी बेहद महत्वपूर्ण है। “एक छोटी-सी डिजिटल लापरवाही व्यक्ति को आर्थिक और मानसिक नुकसान पहुंचा सकती है। OTP, पासवर्ड और निजी जानकारी को सुरक्षित रखना, संदिग्ध लिंक से बचना और किसी भी साइबर घटना की तत्काल रिपोर्ट करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। ऐसे अभियानों के माध्यम से विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को जागरूक करने के साथ उनके परिवारों और व्यापक समाज तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने का प्रयास कर रहा है,” उन्होंने कहा।

SGSU के सायबर वारियर्स ने अभियान के दौरान सक्रिय भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों और समुदाय के लोगों से संवाद किया तथा उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।

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