मिट्टी के गणपति बनाकर बच्चों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदे

भोपाल। गणेशोत्सव के पावन अवसर पर सिंधु सेना एवं पूज्य सिंधी पंचायत नानक टेकरी के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को गुरुनानक टेकरी स्थित सिंधी कम्युनिटी हॉल में बच्चों के लिए इको-फ्रेंडली गणेश मूर्ति निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 150 से अधिक बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यशाला के दौरान बच्चों ने प्राकृतिक चिकनी मिट्टी से भगवान श्री गणेश की आकर्षक एवं सुंदर प्रतिमाएं तैयार कीं। विशेषज्ञ लखन प्रजापति के मार्गदर्शन में बच्चों ने गणपति की प्रतिमाओं के साथ उनके मुकुट, वस्त्र एवं मोदक जैसी आकृतियां भी मिट्टी से बनाईं। बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का परिचय देते हुए पूरे उत्साह के साथ प्रतिमाओं को आकार दिया।
इस अवसर पर सिंधु सेना के अध्यक्ष राकेश कुकरेजा ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि मिट्टी के गणेश जी स्थापित करने से हमारी आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मजबूत होता है।
कार्यशाला में बच्चों ने संकल्प लिया कि वे इस गणेशोत्सव पर अपने घरों में मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की ही स्थापना करेंगे तथा पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) की मूर्तियों का बहिष्कार करेंगे। इस दौरान उत्कृष्ट एवं सुंदर गणेश प्रतिमा बनाने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में समाजसेविका नेहा बग्गा, महेश मकवाना, संदीप कल्याणे, राजकुमारी डागर, सुकांति ठकुरिया, लक्ष्मी महाज, महेश मालवीय, चंदू यादव सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
कार्यशाला के माध्यम से बच्चों ने “आस्था भी, पर्यावरण संरक्षण भी” का संदेश देते हुए गणेशोत्सव को पर्यावरण के अनुकूल मनाने का संकल्प लिया।




