अन्नदाताओं को दी जा रही हैं आवश्यक सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धरती पुत्र परिश्रम से फसल उगाते हैं, जो सभी को उपलब्ध होता है। अन्नदाता किसानों की समस्याओं को दूर कर उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली प्रवास के दौरान शनिवार को बलराम कृषि महोत्सव छतरपुर में वर्चुअल रूप से जुड़कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रगतिशील किसानों से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड हीरों की धरती है। यहां की जमीन में हीरा निकलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले में होने वाली पिपरमेंट की खेती का भी जिक्र किया। साथ ही फर्नीचर की क्वालिटी को बेहतर बताया। छतरपुर जिले के किसानों को रबी सीजन की फसलों की नवीनतम तकनीक, उन्नत कृषि पद्धतियों एवं आधुनिक कृषि संसाधनों की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हुए बलराम कृषि महोत्सव के रूप में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों ने दीप जलाकर किया। छतरपुर में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार, प्रशासक अपेक्स बैंक डॉ. महेन्द्र सिंह यादव, प्रशासक सहकारिता श्री के.पी. सिंह, विधायक राजनगर श्री अरविंद पटेरिया उपस्थित थे।
केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड के किसानों को मिलेगा सिंचाई का बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई केन-बेतवा लिंक परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से बुंदेलखंड सहित संबंधित क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई का भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई की सुविधा बढ़ने से कृषि क्षेत्र को नई गति मिलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने आल्हा-ऊदल के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बुंदेलखंड की वीरता और गौरवशाली परंपरा का वर्णन किया। उन्होंने किसानों एवं उपस्थित लोगों से सामाजिक आयोजनों में अनावश्यक खर्च कम करने तथा सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने की अपील की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसानों ने बताए कृषि क्षेत्र के नवाचार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसानों ने कृषि क्षेत्र के नवाचारों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छतरपुर जिले के प्रगतिशील किसान श्री सलीम खान से संवाद किया। श्री सलीम ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के साथ होलेस्टिक फार्मिग एवं औषधीय फसल उत्पादन एवं कृषि के साथ अन्य कृषकों को प्राकुतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बिजावर निवासी कृषक श्री सौरभ भटनागर ने बताया कि वे जैविक एवं प्राकृतिक खेती के साथ फल और सब्जी उत्पादन कार्यक्रम तथा होलेस्टिक फार्मिंग (मुर्गी पालन, मछली पालन, बतख पालन) करते हैं। जनजाति समाज की श्रीमती हब्बीबाई ग्राम सलैया ने बताया कि उनके द्वारा कोदो, कुटकी, रागी, बाजरा, ज्वार एवं अन्य लघु धान्य फसलों का उत्पादन करते हुए प्रोसेसिंग के साथ बाजार में बेचा जाता है। ग्राम हतना निवासी श्री अनिल यादव ने बताया कि उन्होंने कस्टम हायरिंग केन्द्र की स्थापना की। ट्रैक्टर सहित कुल 6 यंत्र खरीदे। गत वर्ष अन्य किसानों को किराए पर यंत्र उपलब्ध करवाने से लगभग 5.50 लाख तक मुनाफा प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान श्रीमती तुलसा कुशवाहा निवासी लखनगुवां से भी संवाद किया। श्रीमती तुलसा ने बताया कि जैविक एवं प्राकृतिक खेती के साथ फसल और सब्जी उत्पादन, मुर्गी पालन, मछली पालन, बतख पालन आदि कर रहीं हैं जो उन्हें मुनाफा दे रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न जनप्रतिनिधियों से भी संवाद किया।
प्रगतिशील किसान और मेधावी विद्यार्थी हुए सम्मानित
कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने जिले के 10 प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया। साथ ही प्रावीण्य सूची में आए कृषकों के बच्चों को भी सम्मानित किया गया।
आधुनिक तकनीक और उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी
बलराम कृषि महोत्सव में कृषि वैज्ञानिक एवं विषय विशेषज्ञ किसानों को रबी मौसम की प्रमुख फसलों की उन्नत किस्मों, नवीनतम कृषि तकनीक, बेहतर कृषि पद्धतियों, फसल प्रबंधन तथा समसामयिक कृषि विषयों की जानकारी दी गई। साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाकर उत्पादन और कृषि आय बढ़ाने के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया गया।
उन्नत बीज, कृषि यंत्र और उर्वरक व्यवस्था के बारे में बताया गया
बलराम कृषि महोत्सव में किसानों के लिए विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं द्वारा प्रदर्शनी और स्टॉल लगाए गए। इसमें नवीनतम बीज किस्मों, उन्नत कृषि यंत्रों, उर्वरकों के उपयोग एवं ई-विकास के माध्यम से उर्वरक वितरण सहित कृषि से संबंधित विभिन्न सुविधाओं की किसानों को जानकारी दी गई। इसके साथ ही उद्यानिकी, पशुपालन एवं कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा भी स्टॉल लगाकर निजी कृषि विक्रेताओं द्वारा कृषि उपयोगी सामग्री एवं तकनीकों से संबंधित प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को जानकारी उपलब्ध करवाई गई।




