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20 सितंबर को बिल्ड डे में युवा बनाएँगे एआई समाधान 
कमाल का भोपाल अभियान ने एआई इन्फ़्रास्ट्रक्चर की अपनी पहल पर तेज कार्रवाई का आग्रह किया

क्लॉड के वैश्विक वीडियो में चमका भोपाल, भारत से अकेला नाम

क्लॉड के आधिकारिक खाते से जारी फेबल 5.1 बिल्ड डेज़ के वैश्विक घोषणा-वीडियो में प्रदर्शित 23 शहरों में भारत से केवल भोपाल का नाम शामिल है। न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को, सिंगापुर, टोक्यो और सिडनी जैसे शहरों के साथ भोपाल को इसमें स्थान मिला है। 11–25 सितंबर की वैश्विक आयोजन श्रृंखला के अंतर्गत राजधानी में 20 सितंबर को क्लॉड कोड बिल्ड डे प्रस्तावित है, जिसमें स्थानीय युवा एआई की सहायता से अपने विचारों के काम करने वाले प्रारूप बनाएँगे।
आयोजकों के अनुसार प्रतिभागी अकेले या 2–4 सदस्यों की टीम में काम करेंगे। रचनात्मक प्रयोग, कठिन समस्याओं के समाधान और रोजमर्रा के काम आसान बनाने वाले अनुप्रयोग इसके तीन विषय होंगे। दिन के अंत में प्रतिभागी अपना काम प्रस्तुत करेंगे। प्रस्तुत परियोजनाओं को वैश्विक बिल्ड डे के मंच पर स्थान मिलने की संभावना भी होगी।
कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। स्थानीय मेजबान क्लॉड कम्युनिटी एम्बेसडर अनिकेत साहू हैं। पंजीकरण निःशुल्क है और आयोजक की स्वीकृति जरूरी होगी। स्थल की जानकारी पंजीकरण प्रक्रिया में मिलेगी। प्रतिभागी अपना लैपटॉप लाएँगे। आयोजकों ने इससे पहले 27 अगस्त को वीआईटी भोपाल में भी कार्यशाला की थी।
क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष और ‘कमाल का भोपाल’ अभियान के फाउंडर मनोज मीक ने स्थानीय आयोजकों की सराहना करते हुए कहा, “क्लॉड के वैश्विक घोषणा-वीडियो में भारत से अकेले भोपाल का नाम आना शहर के लिए गौरव का विषय है। इस पहचान को युवाओं के लिए स्थायी अवसरों में बदलना होगा। इसी उद्देश्य से हमारा अभियान राजधानी में ज्ञान और एआई अधोसंरचना की निरंतर पैरवी करता रहा है।”
मीक ने भी आयोजन के लिए पंजीकरण कराया है। उन्होंने ग्रोथ स्कूल का जनरेटिव एआई बूटकैंप ‘ए’ ग्रेड से पूरा कर स्किल इंडिया–एनएसडीसी प्रमाणपत्र प्राप्त किया है। उन्होंने कहा, “नई तकनीक सीखने का मेरा क्रम जारी है। आयोजन में अवसर मिला तो उपयोगी एआई समाधान बनाने का व्यावहारिक अनुभव बढ़ेगा।”
मीक ने कहा कि ‘कमाल का भोपाल’ अभियान ने अध्ययन, अवधारणा-पत्र, प्रकाशित लेखों और शासन को अभ्यावेदनों के माध्यम से भोपाल को नॉलेज एवं एआई केंद्र बनाने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष एआई फैक्ट्रियों और संबंधित अधोसंरचना की मांग भी रखी गई। उन्होंने भौंरी में प्रस्तावित नॉलेज एवं एआई सिटी ‘इकाई’ की दिशा में शासन की पहल का स्वागत करते हुए इसे ‘कमाल का भोपाल’ अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने बताया कि ‘कमाल का भोपाल’ अभियान भेल की अनुपयोगी भूमि पर एआई लाइटहाउस, उन्नत कंप्यूटिंग और डेटा केंद्र विकसित करने की मांग भी करता रहा है। मीक के अनुसार भूमि राज्य को वापस दिलाने के विषय में केंद्र से समन्वय के लिए शासन ने उच्चस्तरीय समिति गठित की है। उन्होंने इस प्रक्रिया और ‘इकाई’ की अधोसंरचना पर समयबद्ध कार्रवाई का आग्रह किया।
मीक ने कहा, “बिल्ड डे में सामने आने वाले उपयोगी विचारों को शिक्षण संस्थानों और उद्योगों का सहयोग मिलना चाहिए। जल प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता और नागरिक सेवाओं में इनके परीक्षण के अवसर बन सकते हैं। हमारा लक्ष्य है कि भोपाल का युवा अपने शहर में रहकर विश्वस्तरीय काम कर सके।”

— मनोज मीक
अध्यक्ष, क्रेडाई भोपाल | फाउंडर, कमाल का भोपाल

क्लॉड की आधिकारिक एक्स पोस्ट: https://x.com/claudeai/status/2098138736642933143
आयोजन, पंजीकरण एवं आयोजक से संपर्क: https://luma.com/claude-z01j?locale=en-IN
अनिकेत साहू – एक्स: https://x.com/aniketsahu_115
अनिकेत साहू – लिंक्डइन: https://www.linkedin.com/in/aniketsahu115

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