ये कैसे गुरु?: बच्चों के सामने स्कूल प्रबंधन ने पिता को कहा क्रिमिनल, इस कारण सिराजुद्दीन को सहना पड़ा अपमान

गुरुग्राम जिला मुख्यालय स्थित लघु सचिवालय में वीरवार को समाधान शिविर में एक अभिभावक ने स्कूल प्रबंधन पर बच्चों के सामने उसे क्रिमिनल कहने का आरोप लगाया। पटौदी निवासी सिराजुद्दीन ने बताया कि मत्स्य पालन के कारोबार में घाटा होने के कारण उसके बच्चों की तीन माह की फीस बकाया हो गई थी। वह 50 हजार रुपये लेकर स्कूल पहुंचा, लेकिन प्रबंधन ने रुपये लेने से इनकार कर दिया। उसका आरोप है कि बच्चों के सामने उसे क्रिमिनल कहा गया। इसके बाद वह दोनों बच्चों को स्कूली वर्दी में लेकर समाधान शिविर पहुंचा और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।‘नाम काटने से नहीं आपत्ति, क्रिमिनल कहे जाने से आहत हूं’
सिराजुद्दीन ने कहा कि बच्चों की फीस बकाया होने और स्कूल प्रबंधन की ओर से नाम काटे जाने से उसे आपत्ति नहीं है, लेकिन बच्चों के सामने इस तरह संबोधित किए जाने से वह आहत है। उसने कहा कि किसी दूसरे धर्म को मानने का मतलब यह नहीं है कि बच्चों के सामने उसे क्रिमिनल कहा जाए। जिला मुख्यालय पर आयोजित समाधान शिविर में एडीसी सोनू भट्ट ने 10 शिकायतों की सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में इनके समाधान के निर्देश दिए। शिविर का उद्देश्य आमजन और प्रशासन के बीच सीधा संवाद
शिविर में राजस्व, नगर निकाय, बिजली, जल निकासी और अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी शिकायतें पहुंचीं। एडीसी ने कहा कि समाधान शिविर का उद्देश्य आमजन और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं का त्वरित निवारण करना है। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से अध्ययन कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीसी उत्तम सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक सोमवार और वीरवार को समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।तीन साल से बुढ़ापा पेंशन के कागज ठीक कराने के लिए प्रशासन के चक्कर लगा रहे हैं। समाधान शिविर में वह तीसरी बार शिकायत लेकर पहुंचे हैं। -जगन्नाथ
परिवार पहचान पत्र में आय अधिक दर्ज है। इसके कारण सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वह पहली बार समाधान शिविर में शिकायत लेकर पहुंचे। -राजेश
बिल्डर की लापरवाही के कारण उनका परिवार परेशानी झेल रहा है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय समेत अन्य अधिकारियों से भी कर चुके हैं। -विवेक अरोड़ा
मत्स्य पालन का कारोबार है। घाटे के कारण पटौदी के नामी स्कूल की तीन माह की फीस बकाया हो गई थी। 50 हजार रुपये लेकर स्कूल पहुंचा, लेकिन प्रबंधन ने रुपये लेने से इनकार कर दिया। बच्चों के सामने मुझे क्रिमिनल कहा गया। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। -सिराजुद्दीन

