रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में 12 अक्टूबर को AI कॉन्फ्रेंस, उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर मंथन करेगा AIU का जोनल सम्मेलन
आरएनटीयू में 12 अक्टूबर को होगा AIU का जोनल सम्मेलन, उच्च शिक्षा में AI की भूमिका पर किया जाएगा मंथन, देशभर के विशेषज्ञ होंगे शामिल
भोपाल, 10 अक्टूबर। उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल शिक्षण, शोध और संस्थागत प्रबंधन को किस तरह बदल रहा है और इस बदलाव के बीच विश्वविद्यालयों के सामने कौन-सी चुनौतियां हैं, इन सवालों पर 12 अक्टूबर को रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (RNTU), भोपाल में एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) का जोनल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का रणनीतिक एकीकरण: अवसर, चुनौतियाँ एवं प्रभाव विषय पर होने वाले इस सम्मेलन में शिक्षा जगत, तकनीकी संस्थानों, उद्योग और स्टार्टअप क्षेत्र के विशेषज्ञ AI की संभावनाओं और उसके व्यावहारिक उपयोग पर विचार साझा करेंगे।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में AIU के रिसर्च डिवीजन के संयुक्त निदेशक डाॅ. अमरेंद्र पाणी और मध्य प्रदेश स्टार्टअप मिशन की कार्यकारी प्रमुख डॉ. आभा ऋषि सम्मेलन में मुख्य रूप से शामिल होंगी। मुख्य वक्तव्य उद्यमी, भविष्यवेत्ता, लेखक और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर के संस्थापक डॉ. सृजन पाल सिंह देंगे। वहीं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे, प्रो-चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्, कुलपति प्रो. (डॉ.) आर.पी. दुबे और भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) की मध्य प्रदेश राज्य परिषद के अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी भी उपस्थित रहेंगे।
इस वेस्ट जोन कॉन्फ्रेंस के कन्वेनर डा राकेश कुमार, प्रोफ़ेसर एन्ड हेड, सेन्टर फार आईओटी एन्ड एडवांस्ड कम्प्यूटिंग, डिपार्टमेन्ट आफ कम्प्यूटर साईंस एन्ड इंजीनियरिंग ने बताया कि तकनीकी सत्रों में AI आधारित शिक्षण पद्धतियों, शोध एवं नवाचार, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), विद्यार्थियों के मूल्यांकन और विश्वविद्यालयों के संस्थागत प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। पहले सत्र में AI आधारित शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया में आ रहे बदलावों के साथ कक्षा में अर्जित ज्ञान को वास्तविक जीवन से जोड़ने के तरीकों पर विचार किया जाएगा। इसमें पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर, आईआईटी रुड़की और गूगल से जुड़े विशेषज्ञ भाग लेंगे।
दूसरे तकनीकी सत्र में AI की मदद से शोध के विचार को शोधपत्र में बदलने, शोध पद्धति, अकादमिक ईमानदारी और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे। इस सत्र में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), भोपाल, IEEE मध्य प्रदेश सेक्शन और डेलॉइट के विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे।
दोपहर बाद होने वाले तीसरे सत्र में विद्यार्थी-केंद्रित मूल्यांकन, सीखने के परिणामों में सुधार, प्रभावी संस्थागत संचालन और नेतृत्व में AI की भूमिका पर चर्चा होगी। इसमें डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, खंडवा, एसजीएसयू, मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT), भोपाल और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
सम्मेलन का एक प्रमुख हिस्सा ‘AI as a Growth Engine for Start-ups’ विषय पर पैनल चर्चा होगी। इसमें स्टार्टअप के विकास, AI आधारित व्यावसायिक समाधानों और नई तकनीकों के माध्यम से उद्यमिता के अवसरों पर बात होगी। पैनल में Opsight AI, Remote Physios और Bright Hustle से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम में AI पर एक विशेष व्याख्यान और समापन सत्र भी रखा गया है।
सम्मेलन का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में AI के जिम्मेदार और प्रभावी एकीकरण को लेकर विचार-विमर्श करना तथा शिक्षकों, शोधकर्ताओं, संस्थागत नेतृत्व और उद्योग के बीच संवाद के अवसर उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के समापन पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.पी. दुबे सम्मेलन की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी धन्यवाद ज्ञापन देंगी।

