क्रेडाई निर्माण नियमों एवं विकास योजनाओं पर साझा प्रस्ताव बनाएगा – मनोज मीक
भोपाल क्रेडाई की मंगलवार को बैठक; इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर चैप्टर से ऑनलाइन संवाद, एफएआर और प्रोजेक्ट लागत पर जोर
निर्माण नियमों में स्पष्टता, अतिरिक्त निर्माण की लागत और समयबद्ध मंजूरियों के लिए क्रेडाई मध्यप्रदेश का साझा शहरी विकास सुधार प्रस्ताव तैयार करने की पहल हुई है। मंगलवार, 13 अक्टूबर को क्रेडाई भोपाल कार्यालय में नई विकास योजना के ड्राफ्ट पर सुझाव और आपत्तियां देने वाले सदस्यों की बैठक होगी। यहीं से इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर चैप्टर के साथ व्यवहारिक नीति नियमों हेतु ऑनलाइन विचार-विमर्श की योजना है। क्रेडाई भोपाल अध्यक्ष मनोज मीक ने बताया कि विगत दिनों प्रदेश क्रेडाई पत्र में उठाए मुद्दे और तुलनात्मक तालिकाएं चर्चा का प्रमुख आधार होंगे। पत्र में राज्य के लैंड डेवलपमेंट, बिल्डिंग नियमों, ग्वालियर की विकास योजना 2035 और भोपाल 2047 ड्राफ्ट की अलग व्यवस्थाओं पर सरकार से संवाद मांगा गया है ताकि राज्य के मिलियन प्लस आबादी के शहरों को विकास और आर्थिक उन्नति के समान अवसर प्राप्त हो सकें। प्राथमिकता एफएआर यानी भूखंड के अनुपात में अनुमत फ्लोर एरिया, अतिरिक्त निर्माण का प्रीमियम, टीडीआर और कुल शुल्क की स्पष्टता रहेगी। अलग राज्यों की तुलना समान भूखंड, सड़क और उपयोग की शर्तों पर मूल नियमों से मिलाकर करने पर जोर होगा। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि नियमों का अंतर डेवलपर की लागत और प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता को कैसे प्रभावित करता है। बैठक में सदस्यों की व्यावहारिक कठिनाइयों को व्यवस्थित सुझाव-आपत्तियों में बदलने की तैयारी होगी। मकसद किफ़ायती निर्माण सुनिश्चित करना, जमीन खरीदने से पहले निर्माण क्षमता और शुल्क जानने, मंजूरी में देरी का जोखिम घटाने तथा निवेश की सुरक्षा के लिए ठोस प्रस्ताव बनाना है।
मीक के अनुसार, यूनिफाइड लैंड डेवलपमेंट रूल्स, यूनिफाइड कॉलोनाइजिंग एक्ट, फायर और लिफ्ट संबंधी नीति-नियमों, इंदौर-जबलपुर की लंबित विकास योजनाओं तथा मेट्रोपॉलिटन रीजन प्लान पर सरकारी स्तर पर काम चल रहा है। उनका कहना है कि नए प्रावधान तय करने से पहले डेवलपर्स सहित संबंधित पक्षों से व्यवस्थित परामर्श आवश्यक है। क्रेडाई मध्यप्रदेश ने बताया कि साझा प्रस्ताव पर शासन से चर्चा के लिए इसी सप्ताह डायरेक्टर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग तथा अपर मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवास से भेंट का समय प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। मीक के नेतृत्व में ‘कमाल का भोपाल’ की शोध-पहल ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 से पहले इनसेप्शन प्रस्तुति में समग्र विकास योजना की जरूरत उठाई थी। प्रस्तावित बैठक उसी रिसर्च और दस्तावेजी पैरवी को सदस्यों के अनुभव तथा दूसरे चैप्टर के सुझावों से आगे बढ़ाएगी।
मीक का जोर है कि अगले 21 वर्षों का प्लान आज की जरूरतों पर स्थिर नहीं रह सकता। एआई, रोबोटिक्स और नई टेक्नोलॉजी से बदलती जीवनशैली के बीच कम अंतराल पर नियमित समीक्षा जरूरी है। लेकिन समीक्षा से स्वीकृत प्रोजेक्ट बार-बार अनिश्चितता में न पड़ें; बदलाव के लिए स्पष्ट शर्तें और पर्याप्त समय मिले। लक्ष्य राज्य व राजधानी की योजनाबद्ध आर्थिक उन्नति, सुरक्षा और जरूरी सुविधाओं के साथ ऐसे व्यावहारिक नियम बनाना है, जिनसे निवेश, रोजगार और आवास आपूर्ति बढ़ सके।


