मध्य प्रदेश

27% ओबीसी आरक्षण की बहाली के लिए ओबीसी महासभा ने घोषित किया चरणबद्ध प्रदेशव्यापी आंदोलन

15 अक्टूबर को जिला स्तर पर ज्ञापन, 28 अक्टूबर को संभाग स्तर पर प्रदर्शन और नवंबर में भोपाल में लाखों लोगों के साथ महाआंदोलन की तैयारी

भोपाल, मध्यप्रदेश | 13 अक्टूबर 2026.मध्यप्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण से संबंधित प्रकरण में माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के बाद ओबीसी महासभा ने अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा एवं पूर्ण 27% आरक्षण की बहाली के लिए चरणबद्ध प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक ओबीसी वर्ग को न्याय दिलाने के लिए ठोस कानूनी एवं नीतिगत कदम नहीं उठाए जाते।

ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य श्री लोकेंद्र गुर्जर ने वीडियो संदेश के माध्यम से आंदोलन की रूपरेखा घोषित करते हुए बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथियों एवं पदाधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत जिला स्तर से शुरुआत करते हुए संभाग स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे और इसके बाद राजधानी भोपाल में व्यापक जनआंदोलन आयोजित किया जाएगा।

तीन चरणों में होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन

प्रथम चरण — 15 अक्टूबर 2026: जिला स्तर पर ज्ञापन

प्रदेश के सभी जिलों में ओबीसी महासभा के नेतृत्व में प्रदर्शन कर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इन ज्ञापनों के माध्यम से 27% ओबीसी आरक्षण की बहाली, 13% होल्ड से प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत तथा ओबीसी वर्ग के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई जाएगी।

द्वितीय चरण — 28 अक्टूबर 2026: संभाग स्तर पर धरना-प्रदर्शन

प्रदेश के सभी संभागों में व्यापक धरना-प्रदर्शन आयोजित कर ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इस चरण में ओबीसी वर्ग के युवाओं, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

तृतीय चरण — नवंबर 2026: भोपाल में विशाल प्रदेशव्यापी महाआंदोलन

नवंबर माह में प्रदेशभर से लाखों लोगों की भागीदारी के लक्ष्य के साथ भोपाल में विशाल जनआंदोलन आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार से 27% ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर ठोस, समयबद्ध एवं संवैधानिक समाधान प्रस्तुत करने की मांग की जाएगी। कार्यक्रम की निश्चित तिथि एवं विस्तृत रूपरेखा की घोषणा आगे की जाएगी।

27% आरक्षण के लिए नया विधायी समाधान और पर्याप्त क्वांटिफाएबल डेटा तैयार करने की मांग

ओबीसी महासभा की प्रमुख मांग है कि मध्यप्रदेश सरकार 27% ओबीसी आरक्षण के लिए आवश्यक सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक परिस्थितियों का वैज्ञानिक अध्ययन कराए तथा पर्याप्त और विश्वसनीय क्वांटिफाएबल डेटा एकत्रित करने की प्रक्रिया प्रारंभ करे।

संगठन ने मांग की है कि इस उद्देश्य के लिए विशेषज्ञ समिति या उपयुक्त आयोग गठित करने सहित आवश्यक संस्थागत कदम उठाए जाएं। उपलब्ध आंकड़ों एवं संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर आरक्षण संबंधी कानूनी कमियों को दूर करने की दिशा में गंभीर पहल की जाए और आवश्यक विधायी प्रक्रिया के माध्यम से नया कानून अथवा अन्य उपयुक्त कानूनी समाधान प्रस्तुत किया जाए।

ओबीसी महासभा ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं। सरकार को इस दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि 27% ओबीसी आरक्षण की बहाली के लिए मजबूत कानूनी आधार तैयार हो सके।

13% होल्ड से प्रभावित अभ्यर्थियों को तत्काल राहत दिलाने की मांग

ओबीसी महासभा ने 13% होल्ड से संबंधित मामले में प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की है। संगठन इस संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में उपलब्ध कानूनी विकल्पों के माध्यम से तत्काल अंतरिम राहत प्राप्त करने के लिए प्रयास करेगा।

इसके साथ ही, ओबीसी वर्ग के लंबित बैकलॉग पदों को भरने तथा प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक कदम उठाने की मांग भी की जाएगी।

लोकेंद्र गुर्जर का वक्तव्य

ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य श्री लोकेंद्र गुर्जर ने कहा—

“ओबीसी वर्ग के 27% आरक्षण का मुद्दा लाखों युवाओं के भविष्य और सामाजिक न्याय से जुड़ा है। अब हम केवल आश्वासनों के भरोसे नहीं बैठेंगे। प्रदेश के साथियों से चर्चा के बाद हमने चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया है। 15 अक्टूबर को जिला स्तर पर, 28 अक्टूबर को संभाग स्तर पर और नवंबर में भोपाल में विशाल जनआंदोलन किया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा—

“हमारी मांग स्पष्ट है—सरकार पर्याप्त क्वांटिफाएबल डेटा जुटाने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाए, आवश्यक अध्ययन कराए और 27% ओबीसी आरक्षण के लिए मजबूत संवैधानिक एवं कानूनी आधार तैयार करते हुए नया विधायी समाधान प्रस्तुत करे। साथ ही, 13% होल्ड से प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत दिलाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जाए।”

श्री गुर्जर ने कहा कि ओबीसी महासभा इस पूरे अभियान को लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से संचालित करेगी। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों के ओबीसी वर्ग के युवाओं, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों एवं जागरूक नागरिकों से आंदोलन में सहभागिता करने की अपील की।

ओबीसी महासभा का संकल्प

ओबीसी महासभा ने दोहराया कि 27% ओबीसी आरक्षण की बहाली, 13% होल्ड से प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत तथा ओबीसी वर्ग के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी संघर्ष और लोकतांत्रिक आंदोलन साथ-साथ जारी रहेंगे।

“अब आश्वासन नहीं, ठोस समाधान चाहिए।
27% ओबीसी आरक्षण की बहाली तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”

 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button