दो दिवसीय विकसित भारत उद्योग व्यापार सम्मेलन 22 और 23 अक्टूबर को भोपाल में
फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा किया जा रहा आयोजन

भोपाल, 19 अक्टूबर। फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा 22 एवं 23 अक्टूबर को भोपाल में विकसित भारत उद्योग व्यापार सम्मेलन 2026 का आयोजन किया जा रहा है। देश के विभिन्न राज्यों के क्षेत्रीय चेम्बर्स, उद्योग एवं व्यापार संगठनों को एक मंच पर खाने वाला यह राष्ट्रीय सम्मेलन औद्योगिक सहयोग, एमएसएमई विकास, निवेश, नवाचार तथा निर्यात के अवसरों को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा। सम्मेलन का प्रथम दिवस 22 अक्टूबर को कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में तथा द्वितीय दिवस 23 अक्टूबर को एनराइज बाय सयाजी, भोपाल में आयोजित होगा। फेडरेशन के अध्यक्ष हिमांशु खरे ने बताया कि 22 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे से आयोजित उद्घाटन समारोह में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि होंगे। समारोह की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा करेंगे तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। करें ने बताया कि इस सम्मेलन का मूल संदेश “एक राष्ट्र, एक उद्योग दृष्टि एक विकसित भारत” है। सम्मेलन के माध्यम से मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं और निवेश संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने के साथ विभिन्न राज्यों की सफल औद्योगिक पहलों से सीखने एवं व्यावसायिक साझेदारियां विकसित करने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। हिमांशु खरे ने बताया कि यह भारत का पहला ऐसा राष्ट्रीय सम्मेलन है जिसमें देश के प्रमुख राष्ट्रीय चेम्बर्स तथा क्षेत्रीय चेम्बर्स एवं व्यापारिक संगठनों का समागम होगा। जिसमें विकसित भारत की परिकल्पना को चरितार्थ करने पर मंथन होगा तथा नीति निर्धारण पर प्रबुद्धजनों का व्याख्यान भी होगा। इस कार्यक्रम में देश के 10-15 राज्यों से लगभग 400 उद्यमी, औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संगठनों के अध्यक्ष, पदाधिकारी एवं प्रतिनिधियों के साथ-साथ रूस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम एवं अन्य देशों से भी उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधियों की सहभागिता कर रहे है। फेडरेशन के उपाध्यक्ष
जयदेव योगेश ताम्रकार ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार को भी उद्योग के लिए सिंगल विंडो लागू करना चाहिए,
इससे उद्यम स्थापित करने में आसानी होगी और निवेश आकर्षित होगा। उन्होंने कहा कि गुजरात की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी सिंगल विंडो लागू किया जाना चाहिए।




