स्मृति मंधाना की कप्तानी में जिम्बाब्वे से 3-0 से जीता भारत
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने तीसरे और अंतिम टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में जिम्बाब्वे को 92 रनों से करारी शिकस्त देकर तीन मैचों की सीरीज पर 3-0 से कब्जा जमा लिया

नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने तीसरे और अंतिम टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में जिम्बाब्वे को 92 रनों से करारी शिकस्त देकर तीन मैचों की सीरीज पर 3-0 से कब्जा जमा लिया। भारत ने इससे पहले पहले मैच में 4 विकेट और दूसरे मैच में 9 विकेट से जीत दर्ज की थी। इस क्लीन स्वीप के साथ ही भारतीय टीम ने सीरीज में अपना वर्चस्व कायम रखा और अब दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 216 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारत को ओपनिंग बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई। शेफाली ने केवल 37 गेंदों पर 6 चौके और 5 छक्कों की मदद से 69 रन बनाए। उनके अलावा अनुष्का शर्मा ने भी 20 गेंदों में 28 रनों का योगदान दिया। जिम्बाब्वे की ओर से बिलव्ड बीजा सबसे सफल गेंदबाज रहीं, जिन्होंने 4 ओवर में 50 रन देकर 3 विकेट झटके।
हरमनप्रीत कौर की तूफानी पारी
भारतीय पारी का मुख्य आकर्षण पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर का तूफानी प्रदर्शन रहा। मध्यक्रम में उतरीं हरमनप्रीत ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की जमकर खबर ली और महज 41 गेंदों में 10 चौके तथा 5 छक्के लगाते हुए नाबाद 91 रनों की आक्रामक पारी खेली। उनका स्ट्राइक रेट 221.95 का रहा। हरमनप्रीत की इस विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर ही भारतीय टीम 200 के पार पहुंचने में सफल रही।
जिम्बाब्वे बना पाई 124 रन
217 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही। ओपनिंग बल्लेबाज केलिस न्धलोवू खाता खोले बिना ही क्रांति गौड़ की गेंद पर कैच दे बैठीं। हालांकि, शारेन मेयर्स ने एक छोर संभालते हुए 49 गेंदों में 4 चौके और 4 छक्कों की मदद से 60 रन बनाए और बिलव्ड बीजा ने भी 50 गेंदों में 44 रनों का योगदान दिया। लेकिन इन दोनों के अलावा जिम्बाब्वे का कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू सका और पूरी टीम 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 124 रन ही बना सकी।
भारतीय गेंदबाजों ने किफायती गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे को कभी भी मैच में वापसी का मौका नहीं दिया। गेंदबाजी में नंदनी शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में केवल 18 रन देकर 3 प्रमुख विकेट चटकाए। उनके अलावा क्रांति गौड़ (1/19), अरुंधति रेड्डी (1/26), दीप्ति शर्मा (1/18) और निकी प्रसाद (1/5) ने एक-एक सफलता हासिल की। भारतीय गेंदबाजों के इस अनुशासित प्रदर्शन के बल पर भारत ने मुकाबला 92 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया।




