अय्यर को सीरीज बराबरी पर छूटने का मलाल
भारत और वेस्टइंडीज के बीच शनिवार को बंगलूरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में निर्णायक मैच बारिश के कारण धुल गया

भारत और वेस्टइंडीज के बीच शनिवार को बंगलूरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में निर्णायक मैच बारिश के कारण धुल गया, जिसके साथ पांच मुकाबलों की टी20 सीरीज 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर मानते हैं कि इस सीरीज का नतीजा कुछ और हो सकता था, अगर उनके गेंदबाजों ने दो मुकाबलों में बेहतर गेंदबाजी की होती। बारिश के कारण एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाला पांचवां और आखिरी मैच रद्द करना पड़ा। नौ-नौ ओवरों के इस मुकाबले में भारत का स्कोर 7.4 ओवर में 118/5 था। अय्यर ने कहा, अगर हमने दूसरे और चौथे मैच में बेहतर गेंदबाजी की होती, तो नतीजा कुछ और हो सकता था। उन्हें (वेस्टइंडीज को) श्रेय देना चाहिए, उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी की। पूरी सीरीज में होप ने जिस तरह से बल्लेबाजी की, वह शानदार थी। हार के बाद भी वापसी करने की उनकी क्षमता काबिले तारीफ है। हम जिस तरह से खेलते हैं, उसमें एक आक्रामक मानसिकता होती है।
वैभव को नहीं उतारने पर क्या बोले कप्तान?
15 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भारत की ओपनिंग स्लॉट पहले से भरे होने के कारण अपने मौके का इंतजार करना पड़ रहा है। इस पूरी सीरीज में वैभव को एक अदद मौका नहीं मिल सका। अय्यर ने कहा कि इस युवा खिलाड़ी को धैर्य रखने और अपनी प्रक्रिया पर टिके रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा, मैं उनसे बस यही कहता रहता हूं कि आपको मौका जरूर मिलेगा। अगर अपनी प्रक्रिया को लेकर लगातार अच्छा काम करते हो, तो कभी-कभी इंतजार करना पड़ता है। हमारे पास दो बेहतरीन ओपनर हैं, वैभव के साथ हमारी यही बातचीत होती रही है।
भारत अब गुरुवार से शुरू होने वाली टी20 सीरीज के लिए सीधे न्यूजीलैंड जा रहा है। इस व्यस्त शेड्यूल को लेकर अय्यर ने कहा, यह किसी आम दिन जैसा ही है। भारत में तो हम लगातार यात्रा करते ही रहते हैं। हम इसे काफी अच्छे से संभाल रहे हैं।
मैच बारिश की भेंट चढ़ जाने से वेस्टइंडीज के पास 2002 के बाद भारत में अपनी पहली सीरीज जीतने का मौका हाथ से निकल गया। इससे पहले वे वनडे सीरीज 1-2 से हार गए थे। चार मैचों में दो शतक लगाने वाले वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया। उन्होंने कहा कि उनकी टीम सीरीज जीतने के बहुत करीब पहुंच गई थी।




