अध्यात्मखबरमध्य प्रदेश

ब्रह्माकुमारीज की थीम विश्व एकता और विश्वास के लिए ध्यान योग पर ब्लेसिंग हाउस सेवाकेंद्र पर मनाया गया रक्षाबंधन का त्योहार

ब्रह्माकुमारीज, ब्लेसिंग हाउस सेवाकेंद्र ने विश्व एकता और विश्वास के विचारों के बंधन में बंधकर आध्यात्मिक रूप से मनाया रक्षाबंधन का महान पर्व

*रक्षाबंधन के महान पावन पर्व पर परमात्म सूत्र, एकता सूत्र, स्नेह सूत्र, रक्षा सूत्र, ईश्वरीय सूत्र, परिवर्तन सूत्र, पवित्रता सूत्र के साथ मनाए राखी का त्यौहार : बी.के. डॉ. रीना दीदी*

ब्रह्माकुमारीज़, ब्लेसिंग हाउस, भोपाल। ब्रह्माकुमारीज ब्लेसिंग हाउस सेवाकेंद्र प्रभारी बी.के. डॉ. रीना दीदी ने बताया कि विश्व एकता और विश्वास रूपी विचारों के बंधन में बंधकर रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाया जा रहा है। दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन अर्थात पवित्रता के संकल्प लेने का पर्व, रक्षाबंधन अर्थात नारी के प्रति सम्मान का पर्व, रक्षाबंधन अर्थात ईश्वरीय नियमों एवं मर्यादा के बंधन का पर्व है। ब्लेसिंग हाउस सेवाकेंद्र में *विश्व एकता और विश्वास* की थीम को आगे बढ़ाते हुए कई देशों की राखी बनाकर यह संदेश दिया कि विश्व एक परिवार है और हम सभी एक परमात्मा शिव की संतान भाई भाई हैं। दीदी ने इस रक्षाबंधन पर इन शुभ संकल्पों को अपनाने को कहा कि एक अपनी वृत्ति, दृष्टि और कृति को संपूर्ण पावन बनाकर विश्व परिवर्तन के कार्य में सहयोगी बनेंगे साथ ही सदा निर्विघ्न, निर्विकल्प, निर्माणचित्त और निर्मल बनकर रहेंगे। रक्षाबंधन के पवित्र त्यौहार पर बी.के. डॉ. रीना दीदी ने सभी नगर वासियों से आह्वान किया है कि वे इस रक्षाबंधन पर विश्व एकता और विश्वास बनाए रखने हेतु सभी के लिए शुभ भावनाएं, शुभ कामनाएं देने की अपील की है।
दीदी ने रक्षाबंधन का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए तिलक, रक्षासूत्र, मिठाई, नारियल के बारे में भी बताया। साथ ही उन्होंने नकारात्मक विचारों को पराजित करने के टिप्स भी दिए।

तिलक: रक्षाबंधन पर बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है, जो की विजय का प्रतीक होता है। इस साल हम स्वयं ही स्वयं को इस स्वमान का तिलक लगाएं कि हर परिस्थिति पर विजय प्राप्त करने वाला परमात्मा का विजयी रत्न हूं।

रक्षासूत्र: बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है, जो भाई के लिए एक कवच का काम करता है। हर व्यक्ति अपने मन में पॉजिटिव संकल्पों का रक्षा कवच बांध ले।

मिठाई: रक्षाबंधन पर बहन भाई का मुंह मीठा कराती है। तो हम सब इस बार सात्विक शुद्ध अन्न से अपना मुंह मीठा करने का प्रण लें।

नारियल: इस समय हम यह महसूस करें कि परमात्मा ने हमें यहां सुंदर प्रकृति भेंट में दी हुई है। यह विश्व ग्लोब मेरे सामने है और मैं इस ग्लोब पर रहने वाले हर मनुष्य को शुभ विचारों के संकल्पों से भरपूर कर रहा हूं।

सौगात (गिफ्ट): इस पावन पर्व पर भाई बहन को खर्ची के रूप में कुछ देता है। तो हम इस वर्ष अपनी सनातन संस्कृति को याद करते हुए अपने जीवन में विश्व एकता और विश्वास रूपी विचारों को अपनाएं और फैलाएं। साथ ही दिल से सबका सम्मान भी करें।

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