

हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि के दिन होलिका दहन का त्योहार मनाया जाता है. ये त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है. होलिका दहन के अगले दिन रंगों वाली होली खेली जाती है. इस साल 03 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा. इसके बाद 04 मार्च को रंगोत्सव मनाया जाएगा. होलिका दहन के दिन इस साल एक विशेष संयोग बन रहा है. ये संयोग चंद्र ग्रहण का होगा.फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर चंद्र ग्रहण लगने वाला है. ये साल का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण रहेगा, जिसकी अवधि 03 घंटे 27 मिनट रहेगी. ये चंद्र ग्रहण भारत में नजर आएगा. इसकी वजह से इसका सूतक काल भी मान्य होगा, लेकिन इस चंद्र ग्रहण ने होलिका दहन का गणित बिगाड़ दिया है. ग्रहण की वजह से इस साल होलिका दहन का समय बदला रहेगा. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल होलिका दहन कब किया जाएगा?
चंद्र ग्रहण 2026 का समय
इस साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 02 मार्च को शाम 05 बजकर 55 मिनट पर हो जाएगी. वहीं इस तिथि का समापन 03 मार्च की शाम 05 बजकर 07 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में इस साल फाल्गुन पूर्णिमा 03 मार्च को रहेगी. इसी दिन दोपहर 03 बजकर 20 मिनट से शाम 06 बजकर 47 मिनट तक पूर्ण चंद्र ग्रहण रहेगा.
होलिका दहन कब करना रहेगा शुभ?
शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल और सूतक के दौरान शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं. इसी कारण इस वर्ष होलिका दहन ग्रहण समाप्ति के बाद ही करना शास्त्रसम्मत माना जा रहा है. ग्रहण और भद्रा काल को ध्यान में रखते हुए पंडितों और ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि 03 मार्च को शाम 06 बजकर 48 मिनट से रात 08 बजकर 50 मिनट तक का समय होलिका दहन के लिए श्रेष्ठ रहेगा. इसके बाद 04 मार्च को रंगों की होली यानी धुलेंडी मना सकते हैं.



