खबरदेश
AI का प्रहार: आईटी की 60 लाख नौकरियां खतरे में, क्या ₹2 लाख करोड़ का नया टोकन हब बनने से भारत को मिलेगी राहत?
भारत का 18 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आईटी सेक्टर एक बड़े ऐतिहासिक बदलाव से गुजर रहा है। टीसीएस के राजस्व दांव से लेकर 19 अरब डॉलर के नए एआई टोकन बाजार और कोडिंग से जुड़ी 60 लाख नौकरियों पर संकट की पूरी कहानी इस इस रिपोर्ट में आसान सवाल-जवाब के जरिए।


भारत का 18 लाख करोड़ रुपये से अधिक (करीब 200 अरब डॉलर) का आईटी सेवाओं का निर्यात बदलाव के बड़े दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी के कारण 60 लाख कोडिंग नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है, वहीं दूसरी ओर टीसीएस जैसी देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी ने राजस्व की परवाह किए बिना एआई अपनाने का कड़ा फैसला लिया है। आइए, भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले इस बड़े बदलाव और ‘एआई टोकन हब’ बनने की कहानी को आसान सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं।



