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ईरान की दो टूक- पलटवार जारी रहेगा; बमबारी में अब तक 215+ मौतें, 1000 से अधिक घायल

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिका और इस्राइल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान पर हमला किया। ईरान के कई शहरों पर हवाई हमले हुए, दूसरे दिन भी जारी हैं। जवाब में ईरान ने भी कई देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई बड़े अधिकारी मारे गए हैं। होर्मुज की खाड़ी के पास एक तेल वाले जहाज पर हमला किए जाने की खबर है।इसमें टैंकर वाले इस जहाज पर 15 भारतीय भी सवार थे।

बमबारी में अब तक 215+ मौतें, 1000 से अधिक घायल

अमेरिका और इस्राइल की तरफ से की गई भीषण बमबारी के बावजूद ईरान ने पलटवार जारी रखने की कसम खाई है। देश के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री ने साफ किया है कि ईरान पर युद्ध थोपा गया है।अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते करीब 40 घंटे से अधिक समय की बमबारी में अब तक 215 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान के अलावा इस्राइल और आसपास के अन्य देशों को मिलाकर 1000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अकेले ईरान में 201 लोग जान गंवा चुके हैं, जबकि 740 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मिसाइल, गोलाबारी और बमबारी की चपेट में आने वाले अन्य लोग ईराक, कुवैत, कतर, बहरीन, ओमान और यूएई के हैं। हताहतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।

08:05 PM, 01-Mar-2026

इस्राइल और अमेरिका पर दबाव बनाएं पश्चिम एशिया और खाड़ी के देश: ईरानी विदेश मंत्री अराघची

अराघची ने युद्ध के उन्माद के बीच पश्चिम एशिया और अन्य खाड़ी देशों की भूमिका को लेकर कहा, ‘मैं इस इलाके में अपने सभी साथियों के संपर्क में रहा हूं। उन्हें ईरान का पक्ष अच्छे तरीके से समझाया गया है। उन्होंने कहा, ‘हम जानते हैं कि इस इलाके में बसे अन्य देशों की पोजीशन क्या है। वे खुश नहीं हैं, उनमें से कुछ तो गुस्से में भी हैं, कुछ इसे समझने की कोशिश कर रहे हैं। मैं चाहता हूं कि इस इलाके में जो हो रहा है, वह हमारी गलती या मर्जी से नहीं हो रहा है, इस बात को अन्य देश अच्छे से समझें। उन्होंने कहा कि यह युद्ध अमेरिका और इस्राइल ने थोपा है। इसलिए अगर इस क्षेत्र के देश अगर गुस्से में हैं, तो उन्हें इस्राइल और अमेरिका के खिलाफ क्रोधित होना चाहिए। इस युद्ध को रोकने के लिए दबाव ईरान पर नहीं, दूसरी तरफ डालना चाहिए।

07:50 PM, 01-Mar-2026

हवाई हमले में ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की मौत का दावा

ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की मौत का दावा किया गया है। यह दावा ईरान की लेबर न्यूज एजेंसी ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है। उनकी मृत्यु कथित तौर पर रविवार को हुए एक हवाई हमले के कारण हुई है।

07:42 PM, 01-Mar-2026

ईरान ने अमेरिकी सेना के एयरक्राफ्ट कैरियर- अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया

अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त कार्रवाई का जवाब देने के लिए ईरान- ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 चला रहा है। इस संबंध में देश के सुरक्षाबलों की तरफ से चौथा बयान जारी किया गया है। ईरान रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि ईरान की सेना ने दुश्मनों के ठिकानों पर हमले के बाद, अमेरिकी सेना के एयरक्राफ्ट कैरियर- अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है।

07:35 PM, 01-Mar-2026

सीरिया के ऊपर ईरानी मिसाइल इंटरसेप्ट की गई

इस्राइल की तरफ से जारी बयान के हवाले से समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट में कहा गया कि इस्राइल ने सीरिया के ऊपर एक ईरानी मिसाइल को रोकने में कामयाबी पाई है। गृह मंत्रालय के सूत्र के हवाले से AFP ने बताया कि सीरिया में इंटरसेप्ट की गई मिसाइल में जोरदार धमाका हुआ जिसकी आवाज राजधानी दमिश्क तक सुनी गई।

07:30 PM, 01-Mar-2026

इस्राइल के बेत शेमेश में मरने वालों की संख्या नौ हुई

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक इस्राइल के बेत शेमेश इलाके में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल के हमले में मारे गए लोगों की संख्या नौ हो चुकी है।

UAE में कम से कम 3 लोगों की मौत, 58 घायल

शनिवार को ईरानी मिसाइल हमले शुरू होने के बाद से यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) में कम से कम तीन लोग मारे गए हैं और 58 अन्य घायल हो गए हैं। अमेरिका और इस्राइली सेना के हमलों के जवाब में ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 165 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगा। इनमें से 152 को नष्ट कर दिया गया। दो क्रूज मिसाइलों को भी इंटरसेप्ट किया गया। कुल ‘541 ईरानी ड्रोन में 506 को इंटरसेप्ट करके नष्ट किया गया। ईरान के तरफ से किए गए हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई। मृतक पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से थे।

07:20 PM, 01-Mar-2026

कुवैत में एक की मौत, 32 घायल: स्वास्थ्य मंत्रालय

कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक मिसाइल हमलों और बमबारी के बीच एक व्यक्ति की मौत हो गई है। 32 घायल भी हुए हैं। घायलों का इलाज अल-अदान अस्पताल में कराया जा रहा है।

07:15 PM, 01-Mar-2026

विदेश मंत्री अराघची ने खामेनेई की हत्या को बताया बेहद गंभीर और गैरकानूनी मामला

राष्ट्रपति के अलावा विदेश मंत्री अराघची ने एक बार फिर दोहराया है कि ईरान अपनी सीमाओं की रक्षा करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उन्होंने कहा, ‘अपना बचाव करने में उन्हें कोई रोक नहीं सकता। उनके सामने सीमा जैसी कोई बाधा नहीं है।’ अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्री ने खामेनेई के उत्तराधिकारी से जुड़े सवाल पर कहा, देश में सांविधानिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। फैसले लेने के लिए ट्रांजिशनल काउंसिल बनाई गई है। यह अहम मामलों को संभालने का काम करेगी। सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या को ‘बहुत ही गंभीर’ बताते हुए अराघची ने कहा, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन किया गया है। सुप्रीम लीडर की हत्या के कारण टकराव और भी खतरनाक मोड़ लेगा।

उन्होंने खामेनेई के बाद सर्वोच्च नेता चुने जाने से जुड़े एक सवाल पर कहा, ‘सब कुछ ठीक है’, सांविधानिक प्रक्रिया चल रही है। अल जजीरा के साथ इस इंटरव्यू में अब्बास अराघची ने कहा, ‘खामेनेई की जगह कौन लेगा? इसका जवाब तलाशने के लिए ईरान के संविधान में प्रक्रिया निर्धारित है। हमने वह प्रोसेस शुरू कर दिया है। आज गठित की गई ट्रांजिशन काउंसिल में राष्ट्रपति, न्यायपालिका के प्रमुख और गार्डियन काउंसिल के एक ज्यूरिस्ट शामिल हैं।

बकौल अराघची, ‘नया लीडर चुने जाने से पहले तीन लोगों का ग्रुप (ट्रांजिशन काउंसिल) लीडरशिप के प्रभारी की तरह काम करेगा। इसके बाद असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स नए लीडर के चुनाव की प्रक्रिया पूरी करेगी। मुझे लगता है कि इसमें थोड़ा समय लगेगा। शायद एक या दो दिन में देश के नए लीडर का चुनाव हो जाएगा।’

परमाणु के मुद्दे पर चल रही बातचीत के बीच हमले के लिए अमेरिका की आलोचना करते हुए अराघची ने कहा, ईरान ने डिप्लोमेसी का हमेशा समर्थन किया है। अमेरिका ने बातचीत के दौरान हम पर दूसरी बार हमला किया। उन्होंने कहा कि ईरान ‘अपने भाइयों पर हमले नहीं कर रहा है, हम अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहे हैं।’

अल जजीरा के साथ इस इंटरव्यू के दौरान अराघची ने कहा, फारस की खाड़ी के दूसरी तरफ बसे देशों से हमें कोई दिक्कत नहीं है। उन सभी के साथ हमारे दोस्ताना बर्ताव कर रहे हैं। इनके साथ हमारे रिश्ते अच्छे पड़ोसी वाले हैं। हम इन रिश्तों को जारी रखने का पक्का इरादा रखते हैं। उन्होंने बमबारी और बैलिस्टिक मिसाइलों के इस्तेमाल को लेकर कहा, ‘हम जो कर रहे हैं, वह असल में आत्मरक्षा और ईरान पर अमेरिकी हमले का बदला है।’

उन्होंने कहा कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का कोई इरादा नहीं रखता। बकौल अराघची, ‘अभी होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने का कोई इरादा नहीं है। फिलहाल यहां से गुजरने वाले जहाजों को बाधित करने (नेविगेशन में रुकावट) जैसी योजनाएं भी नहीं हैं। ईरान केवल अमेरिकी मिलिट्री के लोगों और उनकी मदद करने वाली जगहों को टारगेट कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना हमले कर रही है। हमारे पास खुद को बचाने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा, ‘बेशक हम अमेरिकी इलाके में किसी भी टारगेट को हिट नहीं कर सकते, इसलिए हमें इस इलाके में अमेरिकी बेस और पश्चिम एशिया में अमेरिका द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली जगहों पर हमले करने होंगे। शुरुआत उनके मिलिट्री बेस पर हमले से की गई है। अमेरिकी सेना मिलिट्री बेस खाली कर चुकी है। वे होटलों में छिप कर अपने लिए ह्यूमन शील्ड बना रहे हैं। हम असल में केवल मिलिट्री के लोगों और उन जगहों को ही टारगेट करने की कोशिश कर रहे हैं जो ईरान के खिलाफ उनके ऑपरेशन में अमेरिका की मदद कर रही हैं।

पश्चिम एशिया और खाड़ी के देशों को इस्राइल और अमेरिका के खिलाफ गुस्सा निकालना चाहिए: अराघची
अराघची ने युद्ध के उन्माद के बीच पश्चिम एशिया और अन्य खाड़ी देशों की भूमिका को लेकर कहा, ‘मैं इस इलाके में अपने सभी साथियों के संपर्क में रहा हूं। उन्हें ईरान का पक्ष अच्छे तरीके से समझाया गया है। उन्होंने कहा, ‘हम जानते हैं कि इस इलाके में बसे अन्य देशों की पोजीशन क्या है। वे खुश नहीं हैं, उनमें से कुछ तो गुस्से में भी हैं, कुछ इसे समझने की कोशिश कर रहे हैं। मैं चाहता हूं कि इस इलाके में जो हो रहा है, वह हमारी गलती या मर्जी से नहीं हो रहा है, इस बात को अन्य देश अच्छे से समझें। उन्होंने कहा कि यह युद्ध अमेरिका और इस्राइल ने थोपा है। इसलिए अगर इस क्षेत्र के देश अगर गुस्से में हैं, तो उन्हें इस्राइल और अमेरिका के खिलाफ क्रोधित होना चाहिए। इस युद्ध को रोकने के लिए दबाव ईरान पर नहीं, दूसरी तरफ डालना चाहिए।

07:10 PM, 01-Mar-2026

खामेनेई की हत्या के बाद ईरान के राष्ट्रपति का देशवासियों को संदेश

खामेनेई की मौत के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने आज देशवासियों के नाम अपने पहले संदेश में कहा, ईरान इस्राइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ‘सख्त हमले जारी रखेगा।’ टीवी पर जारी एक बयान में राष्ट्रपति ने कहा कि देश सख्त हमले जारी रखने के अलावा सुप्रीम लीडर के नक्शेकदम पर चलने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सेनाएं सख्त हमले जारी रखेंगी। सेना दुश्मनों के मिलिट्री बेस को तबाह करती रहेंगी। क्रांति के लीडर की शहादत वर्षों की कुर्बानी का नतीजा है।’

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