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पहले नरक फिर स्वर्ग 18 दिनों तक कोमा में रही महिला ने सुनाई रुह कंपा देने वाली कहानी

मौत के बाद क्या होता है, यह कोई निश्चित रूप से नहीं जानता, लेकिन कुछ लोग दावा करते हैं कि उन्होंने मौत के करीब पहुंचने के बाद कुछ अनुभव किए हैं। ऐसी ही एक महिला, कैथी मैकडैनियल, इन दिनों चर्चा में हैं। उन्हें फेफड़ों की गंभीर बीमारी के कारण 18 दिनों तक कोमा में रखा गया था। इस दौरान उनका कहना है कि उन्होंने ‘मौत के बाद जीवन’ का अनुभव किया, जिसमें उन्होंने पहले ‘नरक’ में राक्षसों से जूझा और बाद में ‘स्वर्ग’ में अपने पूर्व प्रेमी से मुलाकात हुई।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 53 वर्षीय कैथी को एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (ARDS) हो गया था, जो फेफड़ों में तेजी से सूजन और तरल पदार्थ जमा होने का गंभीर रोग है। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए लगातार प्रयास किए। जब उन्होंने होश पाया, तो उन्होंने अनुभव किया कि उन्हें अचानक एक विशाल और डरावने शून्य में ले जाया गया। उन्होंने बताया कि यह जगह धुंधली, गर्म और डरावनी थी, और उन्हें ऐसा लग रहा था कि उन्होंने मरने का अनुभव नहीं किया।

अब 79 साल की कैथी बताती हैं कि यह अनुभव साल 1999 का है। जब उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था, तब उन्हें इतनी शक्तिशाली बेहोशी और स्मृतिलोप की दवाइयां दी गई थीं कि उनकी याददाश्त दब जानी चाहिए थी। लेकिन पूरी तरह बेहोश होने की बजाय, कैथी ने खुद को एक ऐसी जगह पर ‘जागता’ पाया, जो किसी दूसरी दुनिया जैसी प्रतीत हो रही थी। सबसे पहले उन्होंने खुद को घने अंधकार में देखा और तभी एक आवाज गड़गड़ाते हुए उनसे पूछी, “क्या तुम्हें पता है कि तुम कहाँ हो?”

घोर अंधकार और डरावना अनुभव

कैथी बताती हैं, “मैं बहुत डरी हुई थी और पूरी तरह से भ्रमित महसूस कर रही थी। अपने कांपते हाथों से मैंने अपने कान दबा लिए थे। चारों ओर केवल घोर अंधेरा था और मुझे महसूस हुआ कि मैं गलत जगह पर हूं। अंततः मैंने धीरे से कहा—‘नरक’। इसके बाद मैंने एक भयानक हंसी सुनी और खुद को एक और डरावनी जगह पर पाया। यह स्थान न्यूयॉर्क या किसी बड़े शहर जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन वहां आग लगी हुई थी, लोग चीख-पुकार कर भाग रहे थे। यह किसी सपने जैसा नहीं, बल्कि असली और वास्तविक जगह जैसा अनुभव हो रहा था।

नरक में किया था अजीबोगरीब काम

कैथी बताती हैं कि जिन रहस्यमयी आकृतियों के बीच वह फंसी थीं, वे राक्षस जैसे दिखते थे। ये केवल डराने तक सीमित नहीं थे, बल्कि उन पर हमला भी करते थे और उनकी शक्ति को कमजोर कर देते थे। एक राक्षस ने उनसे कहा कि अगर वे गोल नोक वाली कैंची से ब्लैकबेरी के खेत की झाड़ियों को साफ कर दें, तो उन्हें मुक्ति मिल जाएगी। लेकिन जैसे ही झाड़ियां साफ होतीं, वे फिर से उग आती थीं। इसके बावजूद, कैथी ने अपने मन में दृढ़ विश्वास बनाए रखा कि उन्हें आखिरकार बाहर निकलने का मौका मिलेगा। उन्होंने कांपती आवाज में कहा, “मैं हार नहीं मानूंगी। मैं यहां से निकल जाऊंगी। यह जगह मेरे रहने लायक नहीं है।”

बर्फीले इलाके में नया कार्य

कुछ समय बाद, कैथी को एक ‘शैतानी महिला’ ने आदेश दिया कि वह फटे-पुराने कपड़े पहने अन्य महिलाओं के एक समूह के साथ जाएं। वह समूह उन्हें एक नए, बर्फीले क्षेत्र में ले गया, जहां चारों तरफ तेज बर्फीले तूफान चल रहे थे। वहां उन्हें एक सुनसान लकड़ी के केबिन में रहने की जगह दी गई और काम सौंपा गया। इस दौरान, जब एक साथी ने धरती पर क्रिसमस का जिक्र किया, तो कैथी ने कैरोल गाना गाना शुरू किया। हालांकि उन्हें गाना बंद करने का आदेश मिला, फिर भी उन्होंने अपनी आवाज जारी रखी, जिसके परिणाम चौंकाने वाले रहे।

फिर स्वर्ग जाने का मिला अनुभव

कैथी उस अनुभव को याद करते हुए बताती हैं, “अचानक मुझे लगा कि मेरा पूरा अस्तित्व प्रेम, शांति और आनंद से भर गया है। ऐसा लगा जैसे मैं सच में स्वर्ग में पहुँच गई हूं।” जब उन्होंने अपनी आंखें खोलीं, तो उनके सामने एक बिलकुल नई जगह थी—संगमरमर का कमरा, जिसके चारों ओर एक अद्भुत बगीचा फैला हुआ था। वहाँ उन्हें अपने पूर्व मंगेतर रिक से मिलकर गहरा आश्चर्य हुआ, जिनकी मृत्यु अस्पताल में भर्ती होने से एक महीने पहले हो चुकी थी। कैथी ने कहा कि रिक बहुत जवान और खुश दिखाई दे रहे थे और उन्होंने कहा, “शाबाश, मुझे तुम पर गर्व है। तुमने अपने हुनर को नहीं खोया।”

पूर्व प्रेमी से पुनर्मिलन और वापसी

कैथी बताती हैं कि उन्होंने पास ही रखी एक किताब में अपने जीवन का पूरा विवरण देखा। उनके पूर्व मंगेतर ने कहा कि वे इस स्वर्ग जैसी जगह में अभी नहीं रह सकतीं, उन्हें अभी बहुत कुछ करना बाकी है। इसके बाद, एक दिन अचानक कैथी अस्पताल के बिस्तर पर जागीं और उन्हें पता चला कि वह 18 दिनों तक कोमा में थीं। पूरी तरह से ठीक होने में उन्हें लगभग दो महीने लगे। इस दौरान उन्होंने अपने अनुभव को परिवार के साथ साझा किया, लेकिन अपनी अधिकांश घटनाओं को सार्वजनिक नहीं किया, क्योंकि उन्हें नरक जैसी भयानक यात्रा के बारे में बताने में शर्मिंदगी महसूस हो रही थी।

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