खबरमध्य प्रदेश

इंदौर में एमपी ट्रांसको की पारेषण व्यवस्था महिलाओं के हाथों में

मातृशक्तियां संभाल रही शहर की ट्रांसमिशन लाइनें और सबस्टेशन:- 24×7 बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने सदैव तत्पर


इंदौर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में इंदौर शहर की विद्युत पारेषण व्यवस्था एक अनोखा उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। इंदौर प्रदेश का पहला ऐसा शहर बन गया है, जहां बिजली के पारेषण तंत्र की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं के हाथों में है।
विद्युत उत्पादन केंद्रों से इंदौर शहर तक बिजली पहुंचाने वाली ट्रांसमिशन लाइनों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्रीमती नीलम खन्ना के पास है। वे न केवल इंदौर बल्कि आसपास के कई जिलों की ट्रांसमिशन व्यवस्था का भी नेतृत्व कर रही हैं।
इंदौर शहर की ट्रांसमिशन लाइनों के रखरखाव की जिम्मेदारी कार्यपालन अभियंता श्रीमती नम्रता जैन संभाल रही हैं। इन दोनों अधिकारियों की कार्यकुशलता का ही परिणाम है कि पिछले कई वर्षों से ट्रांसमिशन लाइनों में किसी बड़े फॉल्ट के कारण इंदौर की विद्युत आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई।

दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान भी ट्रांसमिशन लाइनों का मेंटेनेंस रात्रिकालीन समय में किया गया, ताकि शहरवासियों को बिजली आपूर्ति में कोई असुविधा न हो। इसी प्रकार इंदौर मेट्रो परियोजना सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक ट्रांसमिशन लाइनों का कार्य भी जरूरत पड़ने पर रात में ही पूरा किया गया।

इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र के एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों से विद्युत आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखने की जिम्मेदारी भी महिलाओं के पास है। यहां कार्यपालन अभियंता श्रीमती नूतन शर्मा और श्रीमती आरती शिल्पी सबस्टेशन संचालन एवं मेंटेनेंस की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

इंदौर मे पदस्थ महिला अधिकारी
अतिरिक्त मुख्य अभियंता- श्रीमती नीलम खन्ना
कार्यपालन अभियंता -श्रीमती नम्रता जैन

कार्यपालन अभियंता -श्रीमती नूतन शर्मा एवं श्रीमती आरती शिल्पी -(सबस्टेशन संचालन एवं मेंटेनेंस)
लोड डिस्पैच सेंटर में कार्यपालन अभियंता –दिव्या लाल
— अभियंता विनीता भावसार- एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों की टेस्टिंग
इसके अलावा सुनीता राठौर, प्रज्ञा त्रिपाठी, रजनी नागर, कुशमिला मासोदकर और शीतल अल्वा जैसी महिला इंजीनियर भी विभिन्न तकनीकी जिम्मेदारियां संभाल रही हैं।

हर मौसम मे तत्पर मातृशक्ति

दिन हो या रात, आंधी-तूफान हो या बारिश—हर परिस्थिति में यह मातृशक्ति इंदौर शहर को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए तत्पर रहती है। अपने समर्पण और दक्षता से इन महिला अधिकारियों ने यह धारणा भी समाप्त कर दी है कि विद्युत क्षेत्र का कार्य केवल पुरुषों तक ही सीमित है।

प्रबंधन की दीर्घकालीन सोच का परिणाम

इंदौर में पारेषण व्यवस्था में महिलाओं की यह सशक्त भागीदारी संयोग नहीं, बल्कि प्रबंधन की दीर्घकालीन सोच का परिणाम है। कंपनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों में महिलाओं को तकनीकी जिम्मेदारियों में आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं।

महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण

एमपी ट्रांसको में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सहयोगपूर्ण कार्य वातावरण उपलब्ध कराया गया है। साथ ही उनके लिए वार्षिक खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक गतिविधियां और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। हालांकि कार्य के मामले में उन्हें पुरुष कर्मचारियों के समान ही जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं और कार्यकुशलता के वही मानक लागू होते हैं।
इंदौर की यह पहल न केवल ऊर्जा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अवसर मिलने पर महिलाएं तकनीकी और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान कर सकती हैं।

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