

हैदराबाद, 9 मार्च 2026: एआईजी हॉस्पिटल्स ने आज ZAP-X®️ जिरोस्कोपिक न्यूरो-रेडियोसर्जरी प्लेटफॉर्म के शुभारंभ की घोषणा की। यह दक्षिण भारत में अपनी तरह की पहली और पूरे देश में दूसरी स्थापना है। इस उन्नत तकनीक के आने से ब्रेन ट्यूमर और जटिल न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के उपचार में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
मस्तिष्क के भीतर होने वाली बीमारियों के उपचार के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया यह सिस्टम डॉक्टरों को अत्यंत सटीकता के साथ ट्यूमर और अन्य असामान्य ऊतकों का इलाज करने में सक्षम बनाता है। सबसे खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की ओपन सर्जरी, चीरा या टांकों की आवश्यकता नहीं होती और मरीज का उपचार डे-केयर प्रक्रिया के रूप में किया जा सकता है।
यह अत्याधुनिक प्रणाली अत्यधिक केंद्रित रेडिएशन बीम को सब-मिलीमीटर सटीकता के साथ ट्यूमर या असामान्य ऊतकों पर लक्षित करती है, जिससे आसपास के स्वस्थ मस्तिष्क ऊतकों को सुरक्षित रखा जा सकता है। मरीजों के लिए इसका अर्थ है कि उपचार पूरी तरह नॉन-इनवेसिव, लगभग दर्द रहित होता है, अस्पताल में भर्ती रहने की जरूरत नहीं पड़ती और वे जल्द ही अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट सकते हैं।
भारत में ब्रेन ट्यूमर और इससे जुड़ी न्यूरोलॉजिकल बीमारियां तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही हैं। पारंपरिक रूप से इनका इलाज जटिल न्यूरोसर्जरी के माध्यम से किया जाता रहा है, जिसमें क्रैनियोटॉमी, लंबी अस्पताल में भर्ती और लंबा रिकवरी समय शामिल होता है। ऐसे में स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी वैश्विक स्तर पर एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प के रूप में उभरी है। एआईजी हॉस्पिटल्स में ZAP-X की स्थापना के साथ यह विश्वस्तरीय तकनीक अब दक्षिण भारत के मरीजों के लिए भी उपलब्ध हो गई है।
इस अवसर पर एआईजी हॉस्पिटल्स के चेयरमैन डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी ने कहा,
“एआईजी हॉस्पिटल्स में हमारा उद्देश्य हमेशा से यही रहा है कि अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों को इस तरह मरीजों तक पहुंचाया जाए कि उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ और मरीज-केंद्रित बन सकें। ZAP-X जिरोस्कोपिक रेडियोसर्जरी प्लेटफॉर्म की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिन स्थितियों में पहले जटिल ब्रेन सर्जरी की आवश्यकता होती थी, उन्हें अब बिना किसी चीरे के और डे-केयर प्रक्रिया के रूप में अत्यधिक सटीकता के साथ उपचारित किया जा सकता है। इससे मरीजों और उनके परिवारों को कम शारीरिक आघात, तेज रिकवरी और नई उम्मीद मिलती है। हमें विश्वास है कि यह तकनीक तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी और हैदराबाद को उन्नत न्यूरोलॉजिकल देखभाल के प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत करेगी।”
ZAP-X प्लेटफॉर्म को मस्तिष्क से जुड़ी कई जटिल बीमारियों के उपचार के लिए डिजाइन किया गया है, जिनमें सौम्य और घातक ब्रेन ट्यूमर, ब्रेन मेटास्टेसिस, आर्टेरियोवेनस मालफॉर्मेशन (AVMs), ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया और अन्य जटिल न्यूरोलॉजिकल विकार शामिल हैं।
एआईजी हॉस्पिटल्स में न्यूरोसर्जरी विभाग के निदेशक एवं प्रमुख डॉ. सुबोध राजू ने कहा,
“आधुनिक न्यूरोसर्जरी का फोकस अब अधिक सटीक और कम आक्रामक उपचार पद्धतियों पर है। ZAP-X की मदद से हम कई ऐसी मस्तिष्क संबंधी स्थितियों का उपचार कर सकते हैं, जिनके लिए पहले ओपन सर्जरी या जटिल रेडियोथेरेपी की आवश्यकता होती थी। इसमें मेनिन्जियोमा और एकॉस्टिक न्यूरोमा जैसे सौम्य ट्यूमर, घातक ट्यूमर, वैस्कुलर मालफॉर्मेशन और ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया जैसी गंभीर चेहरे की दर्द संबंधी स्थितियां शामिल हैं। एआईजी हॉस्पिटल्स में न्यूरोसर्जन, रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, न्यूरोरेडियोलॉजिस्ट और मेडिकल फिजिसिस्ट की एक मजबूत बहु-विषयक टीम काम करती है, जो हर मरीज के लिए समन्वित और व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार करती है। हमारा लक्ष्य सर्वोत्तम परिणाम सुनिश्चित करते हुए मरीजों की न्यूरोलॉजिकल कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता को सुरक्षित रखना है।”
ZAP-X तकनीक का सबसे बड़ा प्रभाव ब्रेन मेटास्टेसिस के उपचार में देखने को मिल सकता है। यह वे ट्यूमर होते हैं जो शरीर के अन्य हिस्सों में मौजूद कैंसर से मस्तिष्क में फैल जाते हैं। आम तौर पर ये फेफड़ों, स्तन कैंसर या मेलानोमा से जुड़े होते हैं।
विश्व स्तर पर ब्रेन मेटास्टेसिस सबसे आम ब्रेन ट्यूमर में से एक हैं। पारंपरिक उपचार में ओपन सर्जरी या पूरे मस्तिष्क पर रेडिएशन देने की आवश्यकता पड़ती थी, जिससे स्वस्थ मस्तिष्क ऊतकों पर भी प्रभाव पड़ सकता था और स्मरण शक्ति तथा जीवन की गुणवत्ता पर दुष्प्रभाव पड़ने की आशंका रहती थी।
इसके विपरीत ZAP-X तकनीक डॉक्टरों को केवल ट्यूमर पर ही अत्यधिक सटीकता के साथ रेडिएशन केंद्रित करने की सुविधा देती है, जिससे स्वस्थ मस्तिष्क ऊतकों पर रेडिएशन का प्रभाव न्यूनतम रहता है।
कई अध्ययनों से यह भी सामने आया है कि यह लक्षित उपचार पद्धति विशेष रूप से उन मरीजों के लिए अधिक प्रभावी हो सकती है जिनके मस्तिष्क में कई छोटे मेटास्टेसिस मौजूद होते हैं। इससे उन्हें बिना जटिल सर्जरी और लंबे अस्पताल प्रवास के प्रभावी उपचार मिल सकता है।
प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन, CyberKnife®️ और ZAP-X®️ के आविष्कारक तथा रेडियोसर्जरी के क्षेत्र के अग्रणी विशेषज्ञ प्रो. जॉन आर. एडलर ने इस तकनीक की व्यापक संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा,
“पिछले तीन दशकों में रेडियोसर्जरी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और ZAP-X इस क्षेत्र की अगली पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। ब्रेन ट्यूमर इसके प्रमुख उपयोगों में शामिल हैं, लेकिन इसकी सटीकता कार्यात्मक न्यूरोलॉजिकल स्थितियों जैसे ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया, मूवमेंट डिसऑर्डर और अब अवसाद के उपचार के लिए भी नई संभावनाएं खोल रही है। हमारा लक्ष्य हमेशा यही रहा है कि बीमारी का उपचार सर्जिकल सटीकता के साथ किया जाए, लेकिन पारंपरिक सर्जरी की आक्रामकता के बिना। यह देखकर संतोष होता है कि एआईजी हॉस्पिटल्स जैसे संस्थान भारत में मरीजों तक इस स्तर की तकनीकी नवाचार पहुंचा रहे हैं।”
एआईजी हॉस्पिटल्स में ZAP-X की स्थापना से हैदराबाद की पहचान एक उभरते हुए उन्नत स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी और चिकित्सा नवाचार केंद्र के रूप में और मजबूत हुई है, जिससे मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार अपने शहर के करीब ही उपलब्ध हो सकेगा।
अपनी अत्यधिक सटीक, नॉन-इनवेसिव और आउटपेशेंट रेडियोसर्जरी क्षमता के साथ ZAP-X प्लेटफॉर्म भारत और आसपास के क्षेत्रों के हजारों मरीजों के लिए लाभकारी साबित होने की उम्मीद है और यह ब्रेन ट्यूमर तथा न्यूरोलॉजिकल उपचार के परिदृश्य को नई दिशा दे सकता है।
