सावित्रीबाई फुले जी के स्मृति दिवस पर महाबोधि महाविहार की मुक्ति के लिए एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया गया




दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के तत्वावधान मे तुलसी नगर स्थित करुणा बुध्द विहार के नागसेन सभागृह में देश की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले जी की 66 वीं पुण्यतिथि के अवसर उन्हे भावपूर्ण श्रध्दा सूमन अर्पित करते हुए उनके छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए गए। इस अवसर उपस्थित उपासक उपासिकाओ ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उन्हे महिलाओ शिक्षित करने मे अग्रणी भूमिका निभाई है। उनके व्दारा महिलाओ के उत्थान के क्षेत्र में किया गया प्रेरणास्रोत कार्य को सदैव याद रखा जायेगा।
बोधगया में स्थित महाबोधि महाविहार को गैर बौध्दे के चंगुल से आजाद करने हेतु बीटी एक्ट 1949, को निरस्त करने के लिए विगत 13 माह से भिक्षु संघ व्दारा निरंतर धरना दिया जा रहा है, इसके समर्थन में भारत देश की प्रथम शिक्षिका संघर्षशील माता सावित्रीबाई फुले जी के स्मृति दिवस पर नागसेन सभागृह में बीएसआई के जिलाध्यक्ष मनोज माणिक की अध्यक्षता एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया गया। धरना प्रदर्शन में उपस्थित दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया ट्रस्टी एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष इंजि.धम्मरतन सोमकुंवर, प्रदेश उपाध्यक्ष वामन जंजाले, प्रदेश महासचिव चिंतामन पगारे, समता सैनिक दल के प्रदेश संरक्षक यू जी चवरे, डॉ बाबासाहेब आंबेडकर संयुक्त जयंती समारोह समिति के अध्यक्ष रामू गजभिये, बाबूराव ढोने, अरुण मेश्राम, बी डी बगडे, प्रबुध्द महिला मंडल की अध्यक्ष अंजलि चवरे, कोषाध्यक्ष कविता गेडाम, इन्दुताई पाटिल, रजनी नगरारे, प्रमिला चक्रनारायन, आदि ने संबोधित करते हुए कहा कि महाबोधि महाविहार यह बौध्दों की धरोहर है और यह बौध्दो के आधिपत्य में होना ही चाहिए, इस आंदोलन का समर्थन करते हुए इसके लिए हम तन मन धन से सहयोग करने का आश्वासन दिया गया। बोधगया मे जारी धरना आंदोलन यह बौध्दो के अस्तित्व का आंदोलन है, यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जबतक यह महाबोधि महाविहार बौध्दो को सौपा नही जायेगा। इसके लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय में भी गुहार लगाई है, क्योकि यह एक सच्चाई की लडाई है और निश्चित ही इसमे हमे कामयाबी प्राप्त होगी। धरना प्रदर्शन के पश्चात माननीय कलेक्टर महोदय के माध्यम महामहिम राष्ट्रपति जी के नाम तैयार किया गया ज्ञापन को प्रतिनिधि मंडल व्दारा भोपाल एसडीएम मान. अर्चना शर्मा जी को सौपा गया।
धरना प्रदर्शन में विभिन्न बौध्द संगठनाओ के प्रतिनिधियों के साथ साथ बड़ी संख्या बौध्द उपासक उपासिकाये उपस्थित थे।



