सहरसा में एक व्यक्ति के दो मृत्यु प्रमाण पत्र जारी, जमीन हड़पने के लिए सरकारी तंत्र से फर्जीवाड़े का खेल


जिले के नौहट्टा प्रखंड में प्रशासनिक लापरवाही और जालसाजी का एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक ही व्यक्ति के नाम पर दो अलग-अलग मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए हैं। पीड़ित नारायण साह अपने पिता के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के खिलाफ और अपनी जमीन बचाने के लिए पिछले एक महीने से प्रखंड कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, नारायण साह के पिता सतयुग साह का निधन 31 अक्टूबर 2009 को हुआ था। नियमानुसार, पंचायत सेवक और प्रखंड कार्यालय ने 26 जून 2020 को उनका आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया, जो वर्तमान में सरकारी पोर्टल पर भी उपलब्ध है।
साजिश के तहत बदली गई मौत की तारीख
पीड़ित का आरोप है कि उनके भाई प्रमोद साह ने जमीन के दाखिल-खारिज और अन्य अनैतिक लाभ लेने के लिए सरकारी तंत्र को गुमराह किया। आरोप के मुताबिक, उन्होंने पिता की मृत्यु तिथि बदलकर 31 दिसंबर 2010 करवाई और 8 सितंबर 2025 को दूसरा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया। इस हेरफेर का मुख्य उद्देश्य पैतृक जमीन को अवैध तरीके से हड़पना बताया जा रहा है।
जांच के घेरे में प्रशासनिक तंत्र
नारायण साह ने एक माह पूर्व आवेदन देकर फर्जी प्रमाण पत्र रद्द करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) प्रिया भारती ने कहा कि मामला संज्ञान में है और सही तिथि की जांच की जा रही है। हालांकि, सरकारी रिकॉर्ड में पहले से डेटा मौजूद होने के बावजूद जांच में हो रही देरी प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।


