खबरविदेश

एपस्टीन फाइल्स विवाद पर अमेरिकी संसद में हंगामा

विपक्षी सांसदों का आरोप, एपस्टीन फाइल्स के दस्तावेज कटौती कर जारी किए जा रहे

अमेरिकी संसद में बुधवार को एपस्टीन फाइल्स मामले पर जमकर हंगामा हुआ। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने बुधवार को न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा एपस्टीन फाइल्स विवाद में बंद कमरे में ब्रीफिंग देने के विरोध में संसद से वॉकआउट किया। डेमोक्रेट्स ने कहा कि अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को सवालों के जवाब देने होंगे क्योंकि उन्होंने इसकी शपथ ली है। अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी और डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश बुधवार को कैपिटल हिल पहुंचे थे, जहां उन्होंने एपस्टीन के यौन तस्करी मामले से जुड़ी लाखों फाइलों के प्रबंधन को लेकर बढ़ती नाराजगी को शांत करने की कोशिश की। हालांकि, ब्रीफिंग शुरू होने के एक घंटे के भीतर ही डेमोक्रेट्स ने व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने घोषणा की कि वे बॉन्डी को अगले महीने शपथ के तहत बयान देने के लिए जारी समन को लागू करवाने की मांग करेंगे। डेमोक्रेट सांसदों का कहना है कि उन्होंने बार-बार बॉन्डी से पूछा कि क्या वे समन का पालन करेंगी, लेकिन उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। डेमोक्रेट सांसद मैक्सवेल फ्रॉस्ट ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि वह शपथ के तहत जवाब दें, क्योंकि हमें उन पर भरोसा नहीं है।’

रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेट के विरोध को खारिज किया

    • वहीं रिपब्लिकन सदस्यों ने डेमोक्रेट्स के इस कदम को राजनीतिक दिखावा करार दिया। उनका कहना है कि बॉन्डी और ब्लांश ने महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दिए और अटॉर्नी जनरल ने कानून का पालन करने की बात कही है।
    • न्याय विभाग को उम्मीद थी कि एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने से यह राजनीतिक विवाद खत्म हो जाएगा, लेकिन मामला अब भी सवालों और आलोचनाओं में घिरा हुआ है। यह मुद्दा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल पर भी असर डालता रहा है।
  • पाम बॉन्डी ने विभाग के कामकाज का बचाव करते हुए डेमोक्रेट्स पर आरोप लगाया कि वे इन दस्तावेजों को लेकर उठे विवाद का इस्तेमाल ट्रंप की राजनीतिक उपलब्धियों से ध्यान भटकाने के लिए कर रहे हैं। हालांकि, इस मामले में आलोचना सिर्फ विपक्ष से ही नहीं, बल्कि ट्रंप की अपनी पार्टी के कुछ सदस्यों से भी आई है।
  • ओवरसाइट समिति ने मंगलवार को बॉन्डी को 14 अप्रैल को शपथ के तहत बयान देने के लिए समन जारी किया है। सांसदों ने आरोप लगाया है कि न्याय विभाग कई महत्वपूर्ण फाइलें छिपा रहा है और दस्तावेजों में की गई कटौती के कारण पीड़ितों की निजी जानकारी उजागर हो गई। हालांकि, न्याय विभाग ने इस समन को पूरी तरह गैर जरूरी बताया है। विभाग का कहना है कि सांसदों को बिना काट-छांट वाली फाइलें देखने के लिए आमंत्रित किया गया है और अधिकारी सवालों के जवाब देने के लिए उपलब्ध हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button