मध्य प्रदेश

जहाँ संवाद होता है, वहाँ समस्याओं का समाधान निश्चित : डॉ अशोक श्रोती

संवाद से समाधान' के संकल्प के साथ राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) सम्मेलन का भव्य शुभारंभ

भोपाल | मध्य प्रदेश में युवाओं की ऊर्जा को अनुशासन और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के उद्देश्य से आज राजधानी भोपाल के पंडित श्याम सुन्दर प्रशिक्षण संस्थान (निनाद सभागार) में ‘राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) सम्मेलन 2026’ का आयोजन हुआ। क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल द्वारा डॉ. अशोक कुमार श्रोती (क्षेत्रीय निदेशक, म.प्र. एवं छत्तीसगढ़) के कुशल नेतृत्व और संगठन व्यवस्था में आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य ध्येय “संवाद से समाधान” रखा गया है।

​कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर मुख्य सचिव (ACS) उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने दीप प्रज्वलित कर सत्र का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने NSS के स्वयंसेवकों की कार्यप्रणाली और उनके अनुशासित व्यवहार की सराहना की।
​ उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि, “मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के इतिहास में सदैव NSS के स्वयंसेवकों द्वारा सर्वश्रेष्ठ कार्य किया गया, यह उनके संस्कार और संगठन के प्रति निष्ठा का ही परिणाम है।” उन्होंने प्रदेश भर में NSS द्वारा चलाए जा रहे नए प्रयोगों और सामाजिक अभियानों को आधुनिक युग की आवश्यकता बताया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश में NSS की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने के लिए विशेष और बेहतर प्रयास करेगा।

​भारत सरकार, राष्ट्रीय सेवा योजना के उप कार्यक्रम सलाहकार आदरणीय डॉ. अशोक कुमार श्रोती ने सम्मेलन के विजन को साझा करते हुए बताया कि कैसे ‘संवाद’ के माध्यम से स्वयंसेवक जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में शैलेंद्र सिंह (सीईओ सतना) और डॉ. शिवकुमार शर्मा (प्राचार्य, माधव कॉलेज, ग्वालियर) उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासनिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से रा.से.यो. की महत्ता पर प्रकाश डाला।

​सम्मेलन के तकनीकी सत्र में मध्य प्रदेश के सातों विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयकों ने हिस्सा लिया। सभी समन्वयकों ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने-अपने विश्वविद्यालयों के अंतर्गत संचालित विशेष गतिविधियों और नवाचारों का विवरण प्रस्तुत किया।
गोद लिए गए गाँवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में किए गए क्रांतिकारी बदलाव। आपदा प्रबंधन, मतदान जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण में स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका।
आगामी सत्र के लिए प्रस्तावित ‘संवाद आधारित’ सामुदायिक कार्यक्रम और नवाचार।

​इस आयोजन की सफलता का मुख्य आधार क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल की टीम और डॉ. अशोक कुमार श्रोती और डॉ. राजकुमार वर्मा के कुशल मार्गदर्शन में रहा। सामाजिक सरोकारों में शिक्षा के साथ- साथ मध्य प्रदेश का राष्ट्रीय सेवा योजना आज देश में अपनी एक विशिष्ट पहचान बना रहा है। ​”जहाँ संवाद होता है, वहाँ समस्याओं का अंत निश्चित है। मध्य प्रदेश का NSS स्वयंसेवक अनुशासन और सेवा की वह मशाल है, जो समाज को नई दिशा दे रही है।”

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