खबरमध्य प्रदेश

मार्च इकवीनॉक्‍स को दिन-रात बराबर नहीं, बल्कि सूर्य की दिशा होती है एकदम सटीक – सारिका घारू

भ्रम तोड़ती खगोलीय घटना: मार्च इकवीनॉक्‍स को नहीं, 5 दिन पहले ही बराबर हो चुके हैं दिन और रात – सारिका

इस साल 2026 में पहली बार सूर्य आज (20 मार्च) ठीक पूर्व दिशा (ईस्‍ट) से उदित होकर ठीक पश्चिम (वेस्‍ट) में अस्‍त होने जा रहा है । यह घटना 6 महीने के अंतराल (23 सितम्‍बर 2025 ) के बाद होने जा रही है । इस बारे में जानकारी देते हुये नेशनल अवार्ड प्राप्‍त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि आज (20 मार्च) को भारतीय समय के अनुसार शाम 8 बजकर 16 मिनिट की स्थिति में मार्च इक्‍वीनॉक्‍स की घटना होने जा रही है । इसमें पृथ्‍वी के झुकाव में सूर्य की परिक्रमा करते रहने के कारण सूर्य भूमघ्‍य रेखा के ठीक लंबवत होगा । इस घटना का कारण बताते हये सारिका ने बताया कि पृथ्‍वी की धुरी सूर्य की परिक्रमा करने के पथ से लगभग 23.4 डिग्री के कोण पर झुकी होती है जिससे वर्ष के दौरान सूर्य उत्‍तर से दक्षिण की ओर गति करता महसूस होता है । जून मे पृथ्‍वी का उत्‍तरी गोलार्द्ध सूर्य की ओर झुका रहता है , मार्च और सितंबर में यह भूमध्‍य रेखा के लंबवत रहता है । वहीं दिसम्‍बर में दक्षिण गोलार्द्ध को अधिक सूर्य प्रकाश प्राप्‍त होता है ।

गलत मान्‍यता प्रचलित है –

सारिका ने बताया कि अधिकांश मीडिया में इसे दिन रात बराबर होने की घटना के रूप मे बताया जाता है जबकि वास्‍तविकता यह है इस घटना के लगभग पांच दिन पहले ही 15 मार्च को दिन और रात बराबर हो चुके हैं । समय बराबर होने की घटना इक्‍वीलक्‍स कहलाती है । जबकि मार्च इक्‍वीनॉक्‍स में सूर्य उदय ठीक पूर्व दिशा में होता है तथा सूर्यास्‍त भी ठीक पश्चिम दिशा में होता है ।

अधिकांश लोग इस घटना को 21 मार्च को ही होना बताते हैं जबकि यह, 20 या 21 मार्च को हो सकती है । भारत में यह इस साल 20 मार्च को हो रही है ।

क्‍या खास होगा –

सारिका ने बताया कि आज (20 मार्च को) सूर्य भूमध्‍यरेखा के ठीक लंबवत होगा । इससे सूर्य ठीक पूर्व दिशा में उदित होगा तथा ठीक पश्चिम दिशा में अस्‍त होगा । यह घटना साल में सिर्फ दो ही दिन होती है । इस साल अब यह घटना 23 सितम्‍बर 2026 को होगी ।

क्‍या महत्‍व है –

सारिका ने जानकारी दी कि मार्च इक्‍वीनॉक्‍स वह क्षण है जब सूर्य खगोलीय भूमध्य रेखा को दक्षिण से उत्तर की ओर पार करता है। खगोलशास्त्री इस बिंदु को फर्स्‍ट प्‍वाइंट ऑफ एरीज कहते हैं, जो गणनाओं के लिए जीरो प्‍वाइंट का काम करता है।

नगर दिनांक सूर्योदय सूर्यास्‍त दिन की अवधि

(2025) प्रात: सायं:

भोपाल 20 मार्च 6:24 6:31 12 घंटे 06 मिनिट 39सेकंड

15 मार्च 6:29 6:29 11 घंटे 59 मिनिट 51 सेकंड

 

उज्‍जैन 20 मार्च 6:31 6:37 12 घंटे 06 मिनिट 39 सेकंड

15 मार्च 6:36 6:35 11 घंटे 59 मिनिट 53 सेकंड

 

नर्मदापुरम 20 मार्च 6:23 6:30 12 घंटे 06 मिनिट 37 सेकंड

15 मार्च 6:28 6:28 12 घंटे 00 मिनिट 00 सेकंड

 

रायसेन 20 मार्च 6:23 6:29 12 घंटे 06 मिनिट 39 सेकंड

15 मार्च 6:28 6:27 11 घंटे 59 मिनिट 50 सेकंड

सागर 20 मार्च 6:19 6:26 12 घंटे 06 मिनिट 39 सेकंड

15 मार्च 6:24 6:23 11 घंटे 59 मिनिट 41 सेकंड

छिंदवाड़ा 20 मार्च 6:18 6:25 12 घंटे 06 मिनिट 36 सेकंड

15 मार्च 6:23 6:23 12 घंटे 00 मिनिट 12 सेकंड

 

 

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