जेके हॉस्पिटल में हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी, महिला को 15 साल पुराने कूल्हे और कमर दर्द से राहत
भोपाल में हुई हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी


भोपाल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की एक महिला को 15 साल से चले आ रहे कूल्हे और कमर के दर्द से आखिरकार राहत मिल गई। भोपाल के जेके हॉस्पिटल में हुई हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद अब वह बिना सहारे और बिना लंगड़ाए सामान्य रूप से चल पा रही हैं।
15 साल से कूल्हे के दर्द से जूझ रही थीं महिला
बैतूल जिले के जामठी क्षेत्र के गांव टिगरिया की रहने वाली एक महिला लंबे समय से दाहिने कूल्हे के गंभीर दर्द से परेशान थीं। परिवार के मुताबिक, पिछले करीब डेढ़ दशक से उनकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ती जा रही थी। चलते समय उन्हें अपने घुटने पर हाथ रखकर शरीर को सहारा देना पड़ता था। दर्द इतना ज्यादा था कि उन्हें आगे की ओर झुककर चलना पड़ता था, जिससे कमर में भी लगातार तकलीफ बनी रहती थी। समय के साथ स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि वे लंबी दूरी तो दूर, कुछ सौ मीटर चलना भी मुश्किल महसूस करने लगी थीं।
टांग की लंबाई कम होने से बढ़ गई थी परेशानी
बीमारी के चलते उनके दाहिने पैर की लंबाई लगभग दो इंच तक कम हो गई थी। इस वजह से चलने में लंगड़ाहट आ गई थी और संतुलन बनाए रखना भी मुश्किल हो गया था। कूल्हे और कमर का दर्द उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुका था, जिससे सामान्य काम करना भी कठिन हो गया था।
पड़ोसी की रिकवरी देखकर मिला इलाज का भरोसा
परिवार को इलाज की उम्मीद तब जगी जब उन्होंने अपने पड़ोस में इसी तरह की समस्या से जूझ चुकी एक महिला की सफल सर्जरी के बारे में जाना। पड़ोसी परिवार की महिला का कुछ साल पहले भोपाल के जेके हॉस्पिटल में ऑपरेशन हुआ था और वह पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रही थीं। उनकी रिकवरी देखकर मरीज के परिवार ने भी विशेषज्ञ डॉक्टर से इलाज कराने का फैसला लिया।
भोपाल में हुई हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी
परिवार ने परामर्श के बाद भोपाल के JK Hospital में ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. आर.के. सोनी से संपर्क किया। जांच और सलाह के बाद महिला की हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। 2 जनवरी 2026 को अस्पताल में सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के दौरान आधुनिक तकनीक और उन्नत हिप इम्प्लांट का उपयोग किया गया।
सर्जरी के बाद टांग की लंबाई भी हुई सामान्य
सर्जरी के बाद सबसे बड़ा बदलाव यह देखने को मिला कि मरीज के दोनों पैरों की लंबाई अब संतुलित हो गई है। अब उन्हें चलने के लिए घुटने पर हाथ रखने या शरीर को झुकाने की जरूरत नहीं पड़ती। लंगड़ाहट भी लगभग खत्म हो चुकी है और कमर का दर्द भी काफी कम हो गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, सही समय पर की गई हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी से ऐसे मरीजों को फिर से सामान्य जीवन जीने में मदद मिल सकती है।
परिवार ने जताया डॉक्टर और अस्पताल का आभार
मरीज के परिवार ने डॉक्टर और अस्पताल की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सर्जरी के बाद महिला पहले से ज्यादा आत्मविश्वास के साथ चल-फिर पा रही हैं और रोजमर्रा के काम भी कर रही हैं।
हिप रिप्लेसमेंट क्या है और कब जरूरी होती है?
हिप रिप्लेसमेंट एक ऐसी सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें कूल्हे के खराब या घिस चुके जोड़ को हटाकर उसकी जगह कृत्रिम जॉइंट लगाया जाता है।
यह सर्जरी आमतौर पर इन स्थितियों में की जाती है:
गंभीर कूल्हे का दर्द
गठिया या जॉइंट डैमेज
चलने में लगातार परेशानी
दवाइयों और फिजियोथेरेपी से राहत न मिलना
सफल सर्जरी के बाद अधिकांश मरीज दोबारा सामान्य चलने-फिरने में सक्षम हो जाते हैं।


