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पावर सेक्टर में विशेषज्ञता ही भविष्य की चुनौतियों का सटीक समाधान : एमडी सुनील तिवारी

भोपाल में एमपी ट्रांसको के सेंट्रल जोन के कार्यपालन अभियंताओं की समीक्षा बैठक आयोजित

भोपाल। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के सेंट्रल जोन के कार्यपालन अभियंताओं की समीक्षा बैठक में प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने कहा कि पावर सेक्टर, विशेषकर ट्रांसमिशन क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर युवा इंजीनियर न केवल भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकते हैं, बल्कि कंपनी की उत्कृष्टता को भी बनाए रख सकते हैं।

भोपाल के गोविंदपुरा स्थित ट्रांसको परिसर में आयोजित हुई बैठक में
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भी विशेषज्ञता को जटिल चुनौतियों से निपटने का सबसे सटीक समाधान माना जा रहा है। सेंट्रल जोन के लगभग 35 कार्यपालन अभियंताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो अभियंता किसी विशेष क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त करना चाहते हैं, कंपनी उन्हें उनकी रुचि के अनुसार देश के उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भेजने के लिए सदैव तत्पर है।

*मेंटोरशिप का विकसित करें सशक्त कल्चर*-

प्रबंध संचालक ने नई पीढ़ी के अभियंताओं से मेंटोरशिप संस्कृति विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निर्माण इकाइयों एवं फैक्ट्रियों में मटेरियल इंस्पेक्शन के दौरान सीखने के व्यापक अवसर होते हैं। विशेष रूप से ट्रांसफॉर्मर निरीक्षण के दौरान तकनीकी बारीकियों को समझकर अभियंता अपने कौशल को उन्नत कर सकते हैं। इस प्रकार अर्जित ज्ञान भविष्य में नव-नियुक्त इंजीनियरों के प्रशिक्षण में भी सहायक होगा।

*ई-ऑफिस का अधिकतम उपयोग करें*-

उन्होंने बताया कि कंपनी में संभागीय स्तर तक ई-ऑफिस प्रणाली का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हो चुका है। सभी अधिकारियों को इसका अधिकतम उपयोग करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि इससे न केवल कार्यकुशलता बढ़ती है, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में भी तेजी आती है। यह पहल कंपनी को डिजिटाइजेशन की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। साथ ही उन्होंने स्वदेशी तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया।

*–जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी का कड़ाई से पालन आवश्यक–*

प्रबंध संचालक ने स्पष्ट किया कि ‘जीरो एक्सीडेंट’ कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने निर्देश दिए कि ट्रांसमिशन एलिमेंटस के रखरखाव के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही चेतावनी दी कि दुर्घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियो पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के छहों छंदों का हुआ सामूहिक गायन

एमपी ट्रांसको की परंपरा के अनुसार समीक्षा बैठक की शुरुआत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के सभी छहों छंदों के सामूहिक गायन से हुई। बैठक के समापन पर राष्ट्रगान का भी सामूहिक रूप से गायन किया गया।

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