राज्य ने मजबूत आधार बनाया, अब राजधानी को विशेष प्राथमिकता की उम्मीद
“मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के कार्यकाल में मध्यप्रदेश ने निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी दृष्टि तीनों स्तरों पर नई गति प्राप्त की है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में बड़े निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करना, शहरों के समग्र विकास के लिए ₹12,500 करोड़ के पैकेज की घोषणा, और मेट्रोपॉलिटन रीजन प्लानिंग को नीतिगत रूप देना उनकी सरकार की सक्रिय विकास-दृष्टि को दर्शाता है। सरकार द्वारा क्षेत्रीय निवेश सम्मेलन, औद्योगिक नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के माध्यम से मध्यप्रदेश को एक उभरते निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। शहरी विकास के संदर्भ में, राजधानी भोपाल सहित राज्य के प्रमुख शहरों के लिए अब यह प्राथमिकता का समय है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच मास्टर प्लान, कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स, और नई अर्थव्यवस्था विशेषकर एआई, डेटा और नॉलेज सेक्टर के अनुरूप शहरों के विकास को और गति देना आवश्यक है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश ने एक मजबूत आधार तैयार किया है अब आवश्यकता है कि भोपाल, जो कि प्रशासनिक और बौद्धिक राजधानी है, उसे मेट्रोपॉलिटन दृष्टि से समान प्राथमिकता देकर विकसित किया जाना चाहिए, ताकि यह निवेश, नवाचार और शहरी उत्कृष्टता का केंद्र बन सके।”
— मनोज मीक,
प्रेसिडेंट, क्रेडाई एवं फाउंडर ‘कमाल का भोपाल’ अभियान



