राजा भोज एयरपोर्ट बनायेगा भोपाल की प्रभावशाली छवि: नागरिक सुझाव एडवाइज़री कमेटी में प्रस्तुत
मनोज मीक ने मानदेय अस्वीकार कर कहा: राजधानी की सेवा ही सबसे बड़ा सम्मान


राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल पर आज एयरपोर्ट एडवाइज़री कमेटी की बैठक माननीय सांसद एवं कमेटी अध्यक्ष आलोक शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर भोपाल सहित नगर निगम और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, विमानपत्तन प्राधिकरण के अधिकारियों, कमेटी सदस्यों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने एयरपोर्ट की सुविधाओं, यात्री अनुभव, एयर-कनेक्टिविटी, स्वच्छता, ट्रैफिक व्यवस्था और भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा की।
कमेटी सदस्य एवं ‘कमाल का भोपाल’ अभियान के फाउंडर मनोज सिंह ‘मीक’ ने बैठक में नागरिकों और विभिन्न सामाजिक-व्यावसायिक समूहों से प्राप्त सुझावों सहित एक विस्तृत प्रतिवेदन एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी को सौंपा। प्रतिवेदन में राजा भोज एयरपोर्ट को राजधानी भोपाल की गरिमा के अनुरूप अधिक सुगम, स्वच्छ, सुविधाजनक, पहचान-सम्पन्न और भविष्य के अनुकूल विकसित करने के लिए बिंदुवार सुझाव शामिल किए गए।
बैठक में एयरपोर्ट डायरेक्टर द्वारा कमेटी को राजा भोज एयरपोर्ट पर हाल के समय में हुए उन्नयन और सुविधाओं की जानकारी दी गई। इनमें नए घरेलू आगमन हॉल, आगमन और प्रस्थान की बेहतर व्यवस्था, डिजी यात्रा, उन्नत फायर स्टेशन, यात्री क्षमता में वृद्धि, किफायती भोजन सुविधा, बेहतर शौचालय व्यवस्था, कम दृश्यता में सुरक्षित संचालन हेतु तकनीकी सुधार और यात्री सुविधा से जुड़े अन्य कार्य शामिल हैं।
मनोज मीक ने कहा कि इस दायित्व को उन्होंने सेवा के रूप में स्वीकार किया है। इसी भावना से उन्होंने कमेटी बैठक हेतु प्रस्तावित मानदेय को सहर्ष अस्वीकार किया। उन्होंने कहा कि अपनी राजधानी, अपने राज्य और अपने देश के लिए नागरिकों के हित में किया गया निस्वार्थ योगदान स्वयं में सबसे बड़ा सम्मान है। एयरपोर्ट जैसे सार्वजनिक संस्थान के विकास में भागीदारी व्यक्तिगत लाभ का विषय नहीं, जनहित और शहर के प्रति उत्तरदायित्व का विषय है।
प्रतिवेदन में नागरिकों से प्राप्त सुझावों को उनके नाम सहित शामिल किया गया। हरीश मूलचंदानी ने एयरपोर्ट पर बड़े बैकलिट डिस्प्ले, बेहतर पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, रिक्लाइनर और चेन्नई के लिए नॉन-स्टॉप फ्लाइट का सुझाव दिया। अमित दाधीच ने पार्किंग व्यवस्था, वार्षिक फायर सेफ्टी ऑडिट और आपात स्थितियों में स्टाफ ट्रेनिंग पर जोर दिया। समीर सबरवाल ने कोलकाता, चंडीगढ़, गोवा, श्रीनगर, जम्मू, जयपुर, उदयपुर और चेन्नई के लिए नियमित उड़ानों की मांग रखी। रजत भोपाल ने फ्लाइट संख्या, शहरों की कनेक्टिविटी, टर्मिनल विस्तार और मेट्रो कनेक्टिविटी का सुझाव दिया।
रजत सिंह ने हैदराबाद होते हुए चेन्नई, कोलकाता होते हुए बागडोगरा, लखनऊ होते हुए देहरादून, जयपुर होते हुए जम्मू और वाराणसी होते हुए अयोध्या जैसे व्यवहारिक रूट सुझाए। आशीष महेन्द्रू ने राजा भोज एयरपोर्ट को “हेल्दी एयरपोर्ट” बनाने के लिए फ्रूट्स बार, पोहा स्टॉल और स्थानीय स्वाद को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। डॉ. संदीप शर्मा ने आगमन क्षेत्र के बाहर शौचालयों की स्वच्छता पर ध्यान दिलाया। संजीव ठाकुर ने एविएशन फ्यूल में राहत, एयरपोर्ट से शहर तक एसी बस सेवा, स्थानीय इतिहास, व्यंजन और पारंपरिक कारीगरी के प्रदर्शन का सुझाव रखा। हालाँकि इनमें से कई सुधार किए जा चुके हैं.
पीयूष ने भोपाल को एविएशन एमआरओ हब के रूप में विकसित करने, इनाविया एविएशन और जेट सर्व जैसे प्रस्तावों पर आगे बढ़ने, सभी राज्य राजधानियों से कनेक्टिविटी और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवश्यकता रखी। अरुणेश्वर सिंहदेव ने नए लोअर एग्जिट क्षेत्र में ग्रेनाइट की फिसलन को वरिष्ठ नागरिकों के लिए जोखिम बताया। अल्का कुमार ने एयरपोर्ट प्रवेश मार्ग, संकेतकों, नए आगमन क्षेत्र की स्पष्ट मार्किंग, बेहतर लाउंज, साफ अनाउंसमेंट और अधिक डिस्प्ले बोर्ड की आवश्यकता बताई। राजेश बहुगुणा ने भोपाल से देहरादून के लिए कम से कम सप्ताह में 2 दिन वन-स्टॉप कनेक्टिविटी का सुझाव दिया, जबकि सुनील मालवीय ने भोपाल-गोवा फ्लाइट पुनः शुरू करने की मांग रखी।
मनोज मीक ने बैठक में यह भी सुझाव दिया कि राजा भोज एयरपोर्ट पर ‘कमाल का भोपाल — हेरिटेज टू होराइजन’ के अंतर्गत भोपाल की प्रमुख विशिष्टताओं को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया जाए। एयरपोर्ट पर भोपाल की हस्तियों की गैलरी, स्थानीय कला, त्योहारों की सज्जा, पर्यटन सूचना, डिजिटल स्क्रीन, वीडियो वॉल, स्थानीय ब्रांड्स और शहर की पहचान से जुड़े स्थायी डिस्प्ले विकसित किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नागरिकों से प्राप्त सुझाव, शहर के प्रति अपनत्व की अभिव्यक्ति हैं। भोपालवासी अपने एयरपोर्ट और राजधानी के विकास में भागीदार बनना चाहते हैं। इसलिए एयरपोर्ट पर नागरिक सुझावों के लिए स्थायी तंत्र विकसित किया जाना चाहिए, ताकि अच्छे सुझाव समय-समय पर कमेटी और संबंधित विभागों तक पहुँचते रहें।
मनोज सिंह ‘मीक’ का वक्तव्य:
“राजा भोज एयरपोर्ट भोपाल की आत्मा का प्रवेश-द्वार है। यहाँ उतरने वाला यात्री हमारी राजधानी की व्यवस्था, संवेदनशीलता, स्वाद, संस्कृति और भविष्य की आकांक्षा को महसूस करता है। मैंने मानदेय इसलिए अस्वीकार किया क्योंकि यह मेरे लिए सेवा का अवसर है। नागरिकों ने जो सुझाव भेजे हैं, वे भोपाल के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की आवाज़ हैं। मेरा प्रयास है कि राजधानी की आकांक्षाएं धरातल पर साकार होती दिखाई दे।”



